Alvaro Uribe: कोलंबिया के पूर्व राष्ट्रपति अल्वारो उरीबे को मिली राहत

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भ्रष्टाचार मामले में मिली रिहाई

बोगोटा: कोलंबिया(Colombia) की एक अपील अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति अल्वारो उरीबे(Alvaro Uribe) को भ्रष्टाचार के एक मामले में बड़ी राहत दी है। अदालत ने फैसला सुनाया है कि रिश्वतखोरी और गवाहों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों में उनकी दोषसिद्धि को चुनौती देने की अनुमति मिलने तक उन्हें रिहा किया जाना चाहिए।

उरीबे(Alvaro Uribe) को 1 अगस्त को 12 साल की नजरबंदी की सजा सुनाई गई थी, जिसमें उन पर 1990 के दशक में दक्षिणपंथी अर्धसैनिक समूहों से संबंध रखने का आरोप था।

उन्होंने इन आरोपों से हमेशा इनकार किया है और सुपीरियर ट्रिब्यूनल में अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील की है। अदालत को इस मामले में अपना अंतिम निर्णय अक्टूबर के मध्य तक देना है

कानूनी प्रक्रिया और उरीबे(Alvaro Uribe) का बचाव

सुपीरियर ट्रिब्यूनल ने मंगलवार को उरीबे(Alvaro Uribe) की बचाव टीम की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्हें नजरबंदी से रिहा करने की मांग की गई थी। उरीबे के वकीलों ने तर्क दिया था कि उनकी गिरफ्तारी का आदेश सही प्रक्रिया के उनके अधिकार और निर्दोषता की धारणा का उल्लंघन करता है।

हालांकि, पहले न्यायाधीश सैंड्रा हेरेडिया(Sandra Heredia) ने जुलाई में कहा था कि उरीबे(Alvaro Uribe) ने एक वकील के साथ मिलकर तीन पूर्व अर्धसैनिकों को सेपेडा को दी गई गवाही बदलने के लिए उकसाया था। इस पर बचाव पक्ष ने दावा किया कि ये सबूत अवैध रूप से प्राप्त किए गए थे और उरीबे ने सिर्फ मुकदमे की तैयारी के लिए इन लोगों से मुलाकात की थी।

पूर्व राष्ट्रपति का राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व

अल्वारो उरीबे(Alvaro Uribe) ने 2002 से 2010 तक अमेरिका के मजबूत समर्थन के साथ कोलंबिया पर शासन किया। उनके शासनकाल को मानवाधिकारों के उल्लंघन और अर्धसैनिक समूहों के उदय से जोड़ा जाता है।

इसके बावजूद, उनके नेतृत्व में कोलंबिया की सेना ने FARC विद्रोहियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलताएँ हासिल कीं, जिसने अंततः उन्हें शांति वार्ता के लिए मजबूर किया। उरीबे लैटिन अमेरिका के रूढ़िवादी आंदोलन के एक प्रमुख प्रतीक बन गए।

मामले की पृष्ठभूमि

Alvaro Uribe

उरीबे(Alvaro Uribe) के खिलाफ यह मामला 2012 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने वामपंथी विधायक इवान सेपेडा पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। सेपेडा ने पूर्व अर्धसैनिकों के बयान एकत्र किए थे, जिनमें उन्होंने उरीबे पर एक अर्धसैनिक समूह “ब्लोक मेट्रो” के संस्थापकों में से एक होने का आरोप लगाया था।

2018 में सुप्रीम कोर्ट ने उरीबे के मुकदमे को खारिज कर दिया और इसके बजाय उन्हीं की जांच शुरू कर दी। अभियोजकों ने उरीबे पर उन गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था, जो उनके और अवैध समूहों के बीच संबंधों के बारे में बात कर रहे थे।

अब बोगोटा के सुपीरियर ट्रिब्यूनल ने हेरेडिया के आदेश को अस्पष्ट मानते हुए उरीबे को रिहा करने का फैसला सुनाया है, यह कहते हुए कि उनकी गिरफ्तारी कानून के तहत समान व्यवहार के अधिकार का उल्लंघन थी।

पूर्व राष्ट्रपति अल्वारो उरीबे को किस मामले में राहत मिली है?

अल्वारो उरीबे को भ्रष्टाचार के मामले में कोलंबिया की अपील अदालत ने रिहा किया है। उन पर रिश्वतखोरी और गवाहों के साथ छेड़छाड़ का आरोप था। यह फैसला अदालत ने तब तक के लिए दिया है, जब तक कि वह अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेते।

उरीबे पर लगे मुख्य आरोप क्या हैं?

उन पर 1990 के दशक में दक्षिणपंथी अर्धसैनिक समूहों से संबंध रखने, गवाहों को धमकाने और उन्हें गुमराह करने का प्रयास करने का आरोप है। इसके अलावा, उन पर अपने और अवैध समूहों के बीच संबंधों के बारे में बोलने वाले गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करने का भी आरोप है।

अदालत ने उरीबे को क्यों रिहा करने का फैसला किया?

बोगोटा के सुपीरियर ट्रिब्यूनल ने यह फैसला सुनाया कि न्यायाधीश हेरेडिया ने उरीबे को हिरासत में लेने का आदेश देने में अस्पष्ट तर्क का इस्तेमाल किया था। अदालत ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी वारंट ने कानून के तहत समान व्यवहार के उनके अधिकार का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया।

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