Gaza: गाजा में हमास की वापसी और ट्रम्प का ‘बोर्ड ऑफ पीस’

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गाजा में हमास की पकड़ मजबूत: 90% इलाकों पर फिर नियंत्रण

गाजा: अक्टूबर में हुए सीजफायर के बाद गाजा पट्टी(Gaza) में जमीनी हालात बदल रहे हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने उन क्षेत्रों के 90% से अधिक हिस्से पर फिर से अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है जहाँ उसकी मौजूदगी है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमास की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सड़कों पर लौट आई हैं और वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अपने विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई भी कर रही हैं। यह स्थिति इजराइल(Israel) और अमेरिका के उन दावों के लिए बड़ी चुनौती है जिसमें हमास को पूरी तरह खत्म करने की बात कही गई थी

ट्रम्प का ‘बोर्ड ऑफ पीस’: विवादों और वीटो पावर के बीच पहली बैठक

वॉशिंगटन में आज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक होने जा रही है। इस बोर्ड की सबसे खास बात यह है कि ट्रम्प(Gaza) इसके ‘लाइफटाइम चेयरमैन’ हो सकते हैं और उनके पास किसी भी फैसले को रोकने के लिए वीटो पावर है। हालांकि, करीब 60 देशों को न्योता दिए जाने के बावजूद केवल 27 देशों ने शामिल होने पर सहमति जताई है। कई यूरोपीय देशों और खुद इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस बैठक से दूरी बना ली है। आलोचकों का मानना है कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र (UN) को कमजोर कर सकता है और यह ट्रम्प का एक व्यक्तिगत प्रोजेक्ट बनकर रह सकता है।

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पुनर्निर्माण की योजना और इजराइल की नाराजगी

ट्रम्प ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए सदस्य देशों से 5 बिलियन डॉलर जुटाने और एक ‘इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स'(Gaza) तैनात करने की योजना बनाई है। ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर ने गाजा में नए शहर बसाने और पर्यटन विकसित करने का प्रस्ताव भी दिया है। हालांकि, इजराइल इस बोर्ड में तुर्किए जैसे देशों की मौजूदगी को लेकर नाराज है, जिन्हें वह हमास का समर्थक मानता है। दूसरी ओर, हमास ने साफ कर दिया है कि जब तक इजराइली सेना पूरी तरह बाहर नहीं निकलती, वे अपने हथियार नहीं डालेंगे।

डोनाल्ड ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की संरचना में ट्रम्प की क्या भूमिका है?

ट्रम्प इस बोर्ड के इनॉगुरल चेयरमैन हैं और उनके पास वीटो पावर है। वे बोर्ड के सदस्यों को नियुक्त करने, हटाने और एजेंडा तय करने पर पूरा नियंत्रण रखते हैं। राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी वे इस पद पर बने रह सकते हैं।

इजराइल को ट्रम्प के इस ‘पीस बोर्ड’ से क्या आपत्ति है?

इजराइल मुख्य रूप से बोर्ड में तुर्किए जैसे देशों को शामिल करने से नाराज है, क्योंकि वह तुर्किए को हमास का समर्थक मानता है। इजराइल का कहना है कि गाजा के भविष्य के प्रशासन में हमास समर्थकों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए।

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