Great War: मध्य-पूर्व में महायुद्ध: सातवें दिन की भीषण स्थिति

By Dhanarekha | Updated: March 6, 2026 • 4:41 PM

हमलों का दायरा और मानवीय त्रासदी

तेल अवीव/तेहरान: इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त सैन्य अभियान(Great War) के तहत आज ईरान के शिराज शहर में हवाई हमले किए, जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हुए। ईरानी मीडिया के अनुसार, हमलों में रिहायशी इलाकों और मेडिकल केंद्रों(Medical Centers) को निशाना बनाया गया है। अब तक की कुल मानवीय क्षति के आंकड़ों के अनुसार, ईरान में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायली रक्षा बलों ने ईरान के 300 से अधिक मिसाइल लॉन्चर और कई उन्नत रक्षा प्रणालियों को तबाह करने का दावा किया है, जिससे ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता कमजोर हुई है

वैश्विक व्यापार पर प्रभाव और फंसे जहाज

युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह बाधित कर दिया है। फारस की खाड़ी में सुरक्षा कारणों से 52 फ्रांसीसी जहाज(Great War) और रेड सी में 8 अन्य जहाज फंस गए हैं। इसके अलावा, ईरान और इजराइल ने एक-दूसरे के सैन्य ड्रोन्स (जैसे अमेरिकी MQ-9 और इजरायली Hermes-900) को मार गिराया है। खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी नुकसान पहुँचा है, जिससे इस संघर्ष का विस्तार अब पूरे मिडिल-ईस्ट में हो गया है।

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डोनाल्ड ट्रम्प का रुख और भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चयन में अमेरिका की भागीदारी को अनिवार्य बताया है। उन्होंने मुजतबा खामेनेई को उत्तराधिकारी(Great War) मानने से इनकार करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान में एक ऐसा नेतृत्व चाहता है जो शांति और स्थिरता सुनिश्चित कर सके। वहीं, भारत सरकार ने कूटनीतिक संतुलन बनाए रखते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी के माध्यम से ईरान के दूतावास में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर औपचारिक शोक संवेदना व्यक्त की है।

ईरान के शिराज शहर में हुए हमले का क्या परिणाम रहा?

शिराज शहर के रिहायशी इलाकों में हुए हवाई हमले में 20 लोगों की मौत हुई है और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में दो मेडिकल कर्मचारी भी मारे गए हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नए नेतृत्व के संबंध में क्या चेतावनी दी है?

डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि ईरान को उनके (अमेरिका) बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुनना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि नया नेता भी पुरानी नीतियां जारी रखता है, तो अमेरिका और ईरान के बीच टकराव आने वाले वर्षों में भी जारी रह सकता है।

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