अमेरिका ने शादीशुदा जोड़ों के लिए ग्रीन कार्ड (Green Card) पाने की प्रक्रिया की जांच और कड़ी की, जिससे भारतीयों की राह और कठिन हुई।
अमेरिका(America) ने विवाह-आधारित ग्रीन कार्ड (green card) आवेदनों की जांच अब अधिक कठोर कर दी है। यूएससीआईएस ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि केवल वास्तविक रिश्तों पर ही ग्रीन कार्ड स्वीकृत किए जाएंगे। इन बदलावों का सीधा असर भारतीयों सहित अन्य विदेशी नागरिकों पर पड़ेगा।
1 अगस्त से लागू हुए नए दिशा-निर्देश
यूएससीआईएस ने यह नए दिशा-निर्देश 1 अगस्त 2025 से लागू किए हैं। यह सभी लंबित और नई याचिकाओं पर प्रभावी होंगे। एजेंसी का कहना है कि फर्जी विवाहों के जरिए ग्रीन कार्ड (green card) हासिल करने के प्रयास प्रणाली की विश्वसनीयता को कम करते हैं। इसलिए अब जांच प्रक्रिया और अधिक सख्त की गई है।
रिश्ते का प्रमाण देना जरूरी
अब आवेदकों को शादी के प्रमाण जैसे साथ की तस्वीरें, बैंक खाते, किराए या संपत्ति के दस्तावेज, और रिश्तेदारों के हलफनामे देने होंगे। इसके साथ व्यक्तिगत साक्षात्कार अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि रिश्ते की प्रामाणिकता की गहराई से जांच हो सके। यह बदलाव खासतौर पर उन जोड़ों को प्रभावित करेगा जो पहले से अमेरिका में हैं और स्थिति समायोजन चाहते हैं।
आव्रजन पृष्ठभूमि पर भी नजर
यूएससीआईएस अब आवेदकों के अमेरिका में पहले से मौजूद वीजा स्टेटस और उनके आव्रजन इतिहास की गहन जांच करेगा। यदि कोई अमेरिकी नागरिक किसी विदेशी जीवनसाथी को, जैसे कि भारत से, प्रायोजित करता है तो उन्हें अब और ठोस प्रमाण देने होंगे। यह कदम अमेरिका की आव्रजन प्रणाली को पारदर्शी और धोखाधड़ी रहित बनाने की दिशा में उठाया गया है।
ग्रीन कार्ड का महत्व
ग्रीन कार्ड (Green Card) अमेरिका में स्थायी निवास और कानूनी रूप से काम करने का अधिकार देता है। यह एक पहचान पत्र होता है जिसमें आवेदक की फोटो, व्यक्तिगत जानकारी और फिंगरप्रिंट शामिल होते हैं। इसके धारक को वैध स्थायी निवासी (LPR) माना जाता है।
नए नियम कब से प्रभावी हुए हैं?
1 अगस्त 2025 से सभी नई व लंबित याचिकाओं पर लागू हैं।
ग्रीन कार्ड के लिए अब क्या आवश्यक होगा?
रिश्ते के स्पष्ट प्रमाण, साझा दस्तावेज व साक्षात्कार जरूरी होंगे।
USCIS किस बात की जांच करेगा?
आवेदकों के आव्रजन इतिहास और रिश्ते की सच्चाई की।