PM बोले- हमें अमेरिका नहीं डेनमार्क पसंद, ट्रम्प की ‘कब्जे’ की चेतावनी
ग्रीनलैंड: ग्रीनलैंड(Greenland) के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेंगे और डेनमार्क के साथ अपने 300 साल पुराने रिश्तों को प्राथमिकता देंगे। यह बयान तब आया है जब अमेरिकी संसद(Parliament) में ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ पेश किया गया है, जिसका लक्ष्य ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य बनाना है। ट्रम्प का तर्क है कि रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव से बचने के लिए ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण जरूरी है। हालांकि, ग्रीनलैंड के नेताओं ने इसे अपनी संस्कृति और पहचान पर हमला बताते हुए ‘अपमानजनक’ करार दिया है।
NATO की सुरक्षा की मांग और सैन्य टकराव का डर
प्रधानमंत्री नीलसन ने जोर देकर कहा है कि ग्रीनलैंड डेनिश कॉमनवेल्थ का हिस्सा होने के नाते NATO का सदस्य है, इसलिए NATO को उसकी रक्षा करनी चाहिए। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड(Greenland) पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई ‘ट्रांस-अटलांटिक रक्षा समझौते’ (NATO) का अंत कर सकती है। ट्रम्प ने कथित तौर पर अपनी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) को कब्जे का प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं, जिससे यूरोप और अमेरिका के बीच दशकों पुराने रक्षा संबंधों में दरार आने की आशंका बढ़ गई है।
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रणनीतिक महत्व और संसाधनों की जंग
दुनिया की सबसे कम आबादी वाले क्षेत्रों में से एक होने के बावजूद, ग्रीनलैंड अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण बेहद महत्वपूर्ण है। यह इलाका आर्कटिक क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और मिसाइल हमलों की स्थिति में ‘अर्ली वॉर्निंग सिस्टम’ लगाने के लिए सबसे उपयुक्त है। ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि यदि अमेरिका(Greenland) ने इसे नहीं खरीदा या कब्जाया, तो रूस और चीन यहाँ अपना आधार बना लेंगे। इस तनाव को कम करने के लिए आज व्हाइट हाउस में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और डेनमार्क-ग्रीनलैंड के विदेश मंत्रियों के बीच एक अहम बैठक होने वाली है।
ट्रम्प ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य क्यों बनाना चाहते हैं?
ट्रम्प के अनुसार, ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यह नॉर्थ अमेरिका और आर्कटिक के बीच स्थित है, जो रूस और चीन की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने में मदद कर सकता है। साथ ही, अमेरिकी संसद में पेश बिल का उद्देश्य वहां के संसाधनों पर नियंत्रण करना और घरेलू राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
ग्रीनलैंड के लोग अमेरिका में शामिल होने का विरोध क्यों कर रहे हैं?
ग्रीनलैंड(Greenland) की आबादी मात्र 56,000 है। वहां के लोगों का मानना है कि अमेरिका का हिस्सा बनने से उनकी विशिष्ट भाषा, संस्कृति और पहचान खत्म हो जाएगी। वहां की नेता आजा केम्निट्ज के अनुसार, ग्रीनलैंड ‘बिकाऊ’ नहीं है और वहां के लोग अमेरिकी नागरिक बनने के बजाय डेनमार्क के साथ अपनी स्वायत्तता बनाए रखना चाहते हैं।
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