IRAN- ईरान जंग के बीच हमास सक्रिय, नेतन्याहू के लिए बढ़ी चुनौती

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नेतन्याहू
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गाजा सिटी। इजरायल के उन दावों को बड़ा झटका लगा है, जिनमें हमास (Hamas) की शक्ति को पूरी तरह खत्म करने की बात कही गई थी। हमास के सशस्त्र विंग इज्जुद्दीन अल-कसम ब्रिगेड्स के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने एक टेलीविजन बयान जारी कर साफ कर दिया है कि संगठन हथियार डालने की किसी भी शर्त को स्वीकार नहीं करेगा।

निशस्त्रीकरण की शर्त को किया खारिज

अबू ओबैदा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा प्रस्तावित 20 सूत्रीय शांति योजना में शामिल निशस्त्रीकरण की शर्त को सीधे तौर पर खारिज करते हुए इसे फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ एक खतरनाक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना गाजा में जारी हिंसा को और बढ़ा सकती है।

इजरायल की वापसी से पहले नहीं होगी कोई बातचीत

ओबैदा ने जोर देकर कहा कि जब तक इजरायल गाजा पट्टी (Israel Gaza Pati) से अपनी सेना पूरी तरह वापस नहीं बुलाता, तब तक हथियारों के मुद्दे पर कोई चर्चा संभव नहीं है। उन्होंने मध्यस्थ देशों से अपील की कि वे पहले शांति योजना के उस चरण को लागू करवाएं, जिसमें इजरायल की पूर्ण वापसी का प्रावधान है।

हमास की सक्रियता ने दावों पर उठाए सवाल

हमास का यह कड़ा रुख ऐसे समय में सामने आया है, जब इजरायल और अमेरिका लगातार यह दावा कर रहे थे कि संगठन की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। करीब 30 महीनों से जारी युद्ध के बावजूद यह बयान संकेत देता है कि हमास अभी भी सक्रिय है और अपनी शर्तों पर कायम है।

मानवीय संकट पर भी उठाए सवाल

अबू ओबैदा ने अपने संबोधन में गाजा में हुए भारी नुकसान का भी जिक्र किया। आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक इजरायली हमलों में 72,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और लगभग दो लाख लोग घायल हुए हैं। उन्होंने हाल के सीजफायर के दौरान हुए हमलों और फिलिस्तीनियों के खिलाफ सख्त कानूनों की भी आलोचना की।

क्षेत्रीय समर्थन का किया जिक्र

उन्होंने वेस्ट बैंक के लोगों से संघर्ष तेज करने का आह्वान किया और ईरान, लेबनान तथा यमन के हूती विद्रोहियों के समर्थन की सराहना की। ओबैदा ने ईरान और लेबनान पर हुए हमलों को अमेरिकी साजिश का हिस्सा बताया।

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शांति योजना पर बढ़ी चुनौती, तनाव चरम पर

हमास के इस ताजा रुख ने ट्रंप प्रशासन की शांति योजना के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति इजरायल की उस रणनीति पर सवाल खड़े करती है, जिसका उद्देश्य हमास को पूरी तरह समाप्त करना था। फिलहाल इजरायल की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।

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Anuj Kumar

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