वाशिंगटन,। कुख्यात यौन अपराधी और कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर अमेरिका में एक बार फिर राजनीतिक भूचाल आ गया है। डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना और रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी (Thomas Marry) ने न्याय विभाग पर आरोप लगाते हुए दावा किया कि एपस्टीन फाइल्स (Epstein files) में कई प्रभावशाली लोगों के नाम छिपाए गए हैं। दोनों सांसदों ने खुद न्याय विभाग पहुंचकर बिना संपादित दस्तावेजों की समीक्षा की और छह नए नाम सार्वजनिक किए हैं।
दस्तावेजों से सामने आए छह नए प्रभावशाली नाम
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खन्ना और मैसी ने बताया कि जिन छह नामों को अब तक सार्वजनिक दस्तावेजों में प्रमुखता से नहीं दिखाया गया, उनमें अरबपति कारोबारी लेस्ली वेक्सनर, निकोला कापुतो, लिओनिक लिओनोव, जुराब मिकेलाद्ज़े, सुल्तान अहमद बिन सुलेयम और साल्वातोर नुआरा शामिल हैं।
‘न्याय विभाग न जाते तो सच सामने आता ही नहीं’
खन्ना ने एक्स पर सवाल उठाया कि यदि वे खुद न्याय विभाग न जाते, तो क्या ये नाम कभी सामने आते? रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेजों में से 70 से 80 फीसदी सामग्री अब भी ‘रेडक्टेड’ है यानी उसे काला कर दिया गया है।
एफबीआई पर भी गंभीर आरोप, फाइलें ‘स्क्रब’ करने का दावा
खन्ना का दावा है कि अहम जानकारियां जानबूझकर छिपाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मार्च में ही एफबीआई ने कुछ फाइलों को “स्क्रब” कर दिया था।
ट्रांसपेरेंसी एक्ट के उल्लंघन का आरोप
खन्ना के मुताबिक ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट (Transperency Act) के तहत कथित साजिशकर्ताओं के नाम छिपाने की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की जा रही है।
30 लाख पन्ने, हजारों वीडियो और तस्वीरें
रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों का दायरा बेहद व्यापक है। इनमें 30 लाख से ज्यादा पन्ने, 2,000 से ज्यादा वीडियो और करीब 1.8 लाख तस्वीरें शामिल हैं।
330 गैलन सल्फ्यूरिक एसिड की रसीद से बढ़ा विवाद
इन खुलासों के बीच एक और दस्तावेज ने विवाद को जन्म दिया है—330 गैलन सल्फ्यूरिक एसिड की खरीद की रसीद। रिकॉर्ड के मुताबिक 12 जून 2018 को एपस्टीन के निजी द्वीप ‘लिटिल सेंट जेम्स’ पर 55-55 गैलन के छह ड्रम तेजाब पहुंचाए गए थे।
सबूत मिटाने की आशंका या तकनीकी जरूरत?
यह वही दिन था जब एफबीआई ने आधिकारिक तौर पर एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क की जांच शुरू की थी। सोशल मीडिया पर इस संयोग को लेकर अटकलें तेज हैं। हालांकि पुराने ईमेल्स के मुताबिक यह एसिड आरओ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के रखरखाव के लिए मंगाया गया था।
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संदिग्ध मौत, लेकिन सवाल अब भी जिंदा
बता दें, जेफ्री एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और सेक्स रैकेट चलाने के आरोप थे। 2019 में जेल में उसकी संदिग्ध मौत हो गई थी, लेकिन उससे जुड़े रहस्य अब भी अमेरिकी राजनीति और न्याय प्रणाली को झकझोर रहे हैं।
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