Hormuz strait tensions : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक Strait of Hormuz में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए यूरोप के कई प्रमुख देशों और जापान ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त पहल की है।
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड्स के साथ जापान ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है। इन देशों ने समुद्री मार्गों में हो रहे हमलों और खतरों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
जहाजों की सुरक्षा पर चिंता
हाल के दिनों में Iran और Israel के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इसी वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कई व्यापारिक जहाजों पर हमले की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार अब तक करीब 10 तेल टैंकरों समेत कुल 23 जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
यूरोपीय देशों ने अपने बयान में ईरान की कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि समुद्र में माइन बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमले करने और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही रोकने जैसी गतिविधियों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में बाधा डालना वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।
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हॉर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी (Hormuz strait tensions) मार्ग से होता है। इसी कारण Donald Trump ने भी इस जलमार्ग को दोबारा सुरक्षित बनाने के लिए अन्य देशों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने नाटो और सहयोगी देशों से इस दिशा में कदम उठाने को कहा है।
हालांकि यूरोपीय देश फिलहाल सीधे सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका मानना है कि बातचीत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ही इस संकट का समाधान संभव है, ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजार स्थिर रह सके।
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