मुख्य बातें: –
- होर्मुज जलडमरूमध्य में निगरानी बढ़ाई गई
- जहाजों की आवाजाही के लिए ईरानी अनुमति जरूरी
- वैश्विक ऊर्जा और खाद्य बाजार पर असर की आशंका
तेहरान। (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले 26 जहाजों का संचालन उसकी निगरानी और अनुमति के तहत कराया गया। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि अब इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से किसी भी जहाज की आवाजाही उसके समन्वय के बिना संभव नहीं होगी।
नियंत्रित समुद्री क्षेत्र घोषित
ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (Gulf Strait Authority) ने नया समुद्री नक्शा जारी करते हुए कुछ हिस्सों को नियंत्रित क्षेत्र घोषित किया है। इन क्षेत्रों में प्रवेश करने और जहाजों के संचालन के लिए ईरानी अनुमति अनिवार्य बताई गई है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कदम
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान (America, Israel) के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। 28 फरवरी से शुरू हुए टकराव के बाद तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी जैसी कड़ी रणनीति अपनाई थी। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तेल निर्यात पर दबाव बढ़ाते हुए कई प्रतिबंध लगाए।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति प्रभावित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
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खाद्य संकट की चेतावनी
(Food and Agriculture Organization) ने चेतावनी दी है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहा, तो अगले 6 से 12 महीनों में दुनिया गंभीर खाद्य मूल्य संकट का सामना कर सकती है।
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