LPG imports : हॉर्मुज जलसंधि संकट के बीच भारत की LPG सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे समय में अर्जेंटीना एक अहम सप्लायर के रूप में उभरा है। खाड़ी देशों पर निर्भर भारत अब वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों को तेजी से मजबूत कर रहा है। हॉर्मुज में रुकावट के कारण मार्च में भारत के LPG आयात में भारी गिरावट की आशंका जताई गई है।
अर्जेंटीना से रिकॉर्ड LPG सप्लाई
2025 में अर्जेंटीना से भारत को केवल 22,000 टन LPG मिला था, लेकिन 2026 की पहली तिमाही में यह बढ़कर 50,000 टन तक पहुंच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहिया ब्लांका पोर्ट से करीब 39,000 टन पहले ही भारत भेजा जा चुका है। इससे भारत को सप्लाई दबाव के बीच राहत मिली है।
हॉर्मुज संकट का असर क्यों बड़ा है?
भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से पूरा करता है। हॉर्मुज रूट में बाधा आने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च में भारत का LPG आयात लगभग आधा रह सकता है।
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भारत की नई ऊर्जा रणनीति
अर्जेंटीना से भारत तक का समुद्री रास्ता (LPG imports) बहुत लंबा है, जिससे लागत भी बढ़ती है। फिर भी ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत इस विकल्प को अहम मान रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि आगे चलकर भारत खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने के लिए और अधिक वैकल्पिक सप्लायर्स पर ध्यान दे सकता है.
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