India urea plant : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से एलएनजी (LNG) की आपूर्ति बाधित होने से कई उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। भारत में उर्वरक उद्योग भी इससे अछूता नहीं है।
LNG सप्लाई पर असर
यूरिया उत्पादन के लिए तरल प्राकृतिक गैस (LNG) बेहद जरूरी कच्चा माल है। भारत पिछले कई वर्षों से कतर से बड़ी मात्रा में LNG आयात करता रहा है। लेकिन मौजूदा युद्ध परिस्थितियों के कारण इसकी आपूर्ति प्रभावित हो गई है।
कुछ प्लांट बंद
गैस की कमी के कारण देश के कुछ यूरिया प्लांट बंद करने पड़े हैं। इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर जैसी कंपनियों ने कुछ संयंत्रों में उत्पादन रोक दिया है और कई जगह उत्पादन घटा दिया गया है।
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कृषि पर प्रभाव
भारत की कृषि काफी हद तक उर्वरकों पर निर्भर है। खासकर (India urea plant) मानसून के दौरान यूरिया की मांग काफी बढ़ जाती है। यदि उत्पादन कम होता है तो भारत को अन्य देशों से अधिक मात्रा में यूरिया आयात करना पड़ सकता है।
कीमतों में बढ़ोतरी संभव
यूरिया की कमी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका असर सरकार द्वारा दी जाने वाली उर्वरक सब्सिडी पर भी पड़ सकता है। इससे किसानों की खेती की लागत बढ़ने की संभावना है।
सरकार इस संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक गैस आपूर्ति के विकल्प तलाश रही है।
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