India: भारत के लिए खुलेगा वेनेजुएला का तेल भंडार

By Dhanarekha | Updated: January 10, 2026 • 3:43 PM

ट्रम्प प्रशासन की नई नीति और रिलायंस की तैयारी

वाशिंगटन: ट्रम्प प्रशासन भारत(India) को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत देने(Allow) पर गंभीरता से विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह व्यापार अमेरिका की कड़ी निगरानी और विशिष्ट शर्तों के तहत फिर से शुरू हो सकता है। वेनेजुएला, जिसके पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वैश्विक बाजार से कटा हुआ था। यदि भारत को अनुमति मिलती है, तो उसे अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस और मध्य-पूर्व के अलावा एक मजबूत वैकल्पिक स्रोत मिल जाएगा

रिलायंस इंडस्ट्रीज की बड़ी पहल: लाइसेंस की कोशिशें

भारत(India) की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज(Reliance Industries) ने वेनेजुएला से तेल आयात फिर से शुरू करने के लिए अमेरिकी विदेश और ट्रेजरी विभागों से संपर्क साधा है। रिलायंस, जिसके पास गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है, वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने में सक्षम है। 2025 की शुरुआत में रिलायंस रोजाना करीब 63,000 बैरल तेल आयात कर रही थी, लेकिन प्रतिबंधों के कारण इसे बंद करना पड़ा। अब कंपनी पश्चिमी देशों के दबाव और रूसी तेल पर निर्भरता कम करने के लिए वेनेजुएला को एक सुरक्षित विकल्प मान रही है।

अन्य पढ़े: ईरान में विरोध तेज, खामनेई चारों तरफ से घिरे

वैश्विक तेल बाजार और ट्रम्प का ‘9 लाख करोड़’ का प्लान

राष्ट्रपति ट्रम्प ने वैश्विक तेल कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक में वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में लगभग 9 लाख करोड़ रुपए के भारी निवेश की संभावना जताई है। वर्तमान(India) में वेनेजुएला वैश्विक सप्लाई का केवल 1% हिस्सा ही देता है, जिसे अमेरिकी तकनीक और निवेश से कई गुना बढ़ाया जा सकता है। भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है, के लिए यह बदलाव कीमतों में स्थिरता लाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने वाला साबित होगा।

वेनेजुएला से तेल खरीदना भारत के लिए क्यों फायदेमंद है?

भारत(India) अपनी जरूरत का 80% से अधिक तेल आयात करता है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। वहां से तेल खरीदने पर भारत को रूस और ओपेक देशों पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से तेल की कीमतों में भी राहत मिल सकती है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज को वेनेजुएला के तेल के लिए अमेरिकी मंजूरी की जरूरत क्यों है?

अमेरिका ने वेनेजुएला पर ‘सेकेंडरी सेंक्शंस’ लगा रखे हैं। इसका मतलब है कि जो भी कंपनी या देश वेनेजुएला के साथ व्यापार करता है, उस पर अमेरिकी बाजार और बैंकिंग सिस्टम का उपयोग करने पर रोक लग सकती है। रिलायंस एक वैश्विक कंपनी है, इसलिए उसे अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से विशेष लाइसेंस या मंजूरी लेनी पड़ती है।

अन्य पढ़े:

#Breaking News in Hindi #CrudeOilPrices #GlobalOilPolitics #Google News in Hindi #Hindi News Paper #IndiaEnergySecurity #RelianceIndustries #TrumpAdministration #VenezuelaOil