अमेरिका की मंशा पर उठाए सवाल
तेहरान: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान(Iran) अपने यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) कार्यक्रम को किसी भी दबाव या सैन्य धमकी के आगे बंद नहीं करेगा। तेहरान में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि संवर्धन ईरान की संप्रभुता और आजादी का हिस्सा है, जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन की मौजूदगी को मनोवैज्ञानिक(Psycologist) दबाव करार देते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाइयां ईरान की परमाणु नीति को बदलने में नाकाम रहेंगी।
बातचीत और प्रतिबंधों का विरोधाभास
ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में कूटनीतिक बातचीत शुरू तो हुई है, लेकिन भरोसा अभी भी कोसों दूर है। एक ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरुआती चर्चा को ‘बहुत अच्छा’ बताया, तो दूसरी ओर तुरंत बाद ईरान(Iran) के साथ व्यापार करने वाली कंपनियों पर नए प्रतिबंध और टैरिफ लगा दिए। अराघची ने अमेरिका के इस दोहरे व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि एक हाथ में बातचीत का प्रस्ताव और दूसरे में प्रतिबंधों की छड़ी रखकर समाधान नहीं निकाला जा सकता। ईरान अब अमेरिका के अगले कदमों के आधार पर ही भविष्य की रणनीति तय करेगा।
अन्य पढ़े: जापान में ताकाइची की ऐतिहासिक ‘सुपर-विक्ट्री’
परमाणु क्षमता और विज्ञान का गणित
यूरेनियम संवर्धन वह प्रक्रिया है जिससे प्राकृतिक यूरेनियम में $U-235$ की मात्रा बढ़ाई जाती है। शांतिपूर्ण उद्देश्यों जैसे बिजली बनाने के लिए केवल 3 से 5% संवर्धन की जरूरत होती है, जबकि परमाणु हथियार बनाने के लिए इसे(Iran) 90% से ऊपर यानी ‘वेपन ग्रेड’ तक ले जाना पड़ता है। परमाणु बम की असली ताकत ‘न्यूक्लियर फिजन’ (नाभिकीय विखंडन) से आती है, जहाँ एक चेन रिएक्शन के जरिए भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है। ईरान का दावा है कि उसकी शक्ति किसी बम में नहीं, बल्कि बड़ी ताकतों को ‘न’ कहने की उसकी क्षमता में है।
यूरेनियम संवर्धन क्या है और यह बम बनाने के लिए क्यों जरूरी है?
प्राकृतिक यूरेनियम में विस्फोटक आइसोटोप $U-235$ की मात्रा बहुत कम (लगभग 0.7%) होती है। संवर्धन के जरिए इसकी सांद्रता बढ़ाई जाती है। अगर यह 90% या उससे अधिक हो जाए, तो यह परमाणु बम में इस्तेमाल होने वाला ‘वेपन ग्रेड’ यूरेनियम बन जाता है, जो चेन रिएक्शन के जरिए बड़ा धमाका करने में सक्षम होता है।
ईरान और अमेरिका के बीच वर्तमान में विवाद का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका और इजराइल को डर है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि उसका कार्यक्रम केवल ऊर्जा और शोध के लिए है। ईरान(Iran) चाहता है कि उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटें, जबकि अमेरिका संवर्धन पर पूर्ण रोक की शर्त रख रहा है।
अन्य पढ़े: