हर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का बड़ा फैसला
Iran hormuz strait : पश्चिम एशिया में अस्थायी युद्धविराम के बावजूद ईरान ने हर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला निर्णय लिया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग से अब प्रतिदिन केवल पंद्रह जहाजों को ही गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इससे पहले उम्मीद की जा रही थी कि युद्धविराम के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार फिर से सामान्य हो जाएगा, लेकिन ईरान के इस फैसले से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
हर जहाज को लेनी होगी ईरान से अनुमति
ईरान ने स्पष्ट किया है कि हर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले हर जहाज को पहले अनुमति लेनी होगी। इस पूरे मार्ग की निगरानी ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के नियंत्रण में रहेगी। जहाजों को विशेष नियमों का पालन करना होगा और मार्ग उपयोग के लिए शुल्क भी देना पड़ सकता है। ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि विभिन्न देशों के साथ जहाजों की आवाजाही को लेकर सीधे बातचीत की जाएगी।
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आर्थिक हितों से जुड़ा ईरान का कदम
विशेषज्ञों के अनुसार ईरान का यह कदम केवल सुरक्षा तक सीमित (Iran hormuz strait) नहीं है बल्कि इसके पीछे आर्थिक हित भी जुड़े हुए हैं। ईरान ने युद्ध के दौरान विभिन्न देशों में रोकी गई अपनी संपत्तियों को वापस करने की मांग की है। माना जा रहा है कि हर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण बनाकर ईरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ाना चाहता है। इस फैसले से वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
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