USA- अमेरिका-ईरान तनातनी बरकरार, लेकिन होर्मुज से मिली राहत, 16 जहाजों को मिली हरी झंडी

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होर्मुज
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इस्लामाबाद,। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद में हुई अहम शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। हालांकि कूटनीतिक गतिरोध के बीच एक राहत भरी खबर यह रही कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम (Strait of Hormuz) से शनिवार को कम से कम 16 जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई।

तनाव के बीच समुद्री मार्ग पर बढ़ी आवाजाही

युद्ध के बाद से इस जलमार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी, लेकिन शनिवार को जहाजों की बढ़ी आवाजाही ने वैश्विक बाजार को थोड़ी राहत दी। यह दिन युद्धविराम के बाद का सबसे व्यस्त दिन भी दर्ज किया गया।

वार्ता में नहीं बनी सहमति

दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन किसी भी प्रमुख मुद्दे पर आम सहमति नहीं बन सकी। इसके बावजूद पूरी दुनिया की नजरें इस वार्ता पर टिकी हुई थीं, क्योंकि इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ता है।

अमेरिकी नौसेना की बढ़ी सक्रियता

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, USS Frank E. Petersen और (USS Michael Murphy) जैसे गाइडेड-मिसाइल युद्धपोत इस क्षेत्र में तैनात हैं। इनका मुख्य उद्देश्य समुद्री मार्ग को सुरक्षित करना और संभावित खतरों को खत्म करना है।

तेल टैंकरों को सुरक्षित निकाला गया

निगरानी संस्था मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चीन, हांगकांग और लाइबेरिया के झंडे वाले तीन बड़े तेल टैंकरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को आंशिक राहत मिली है।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज

गौरतलब है कि Strait of Hormuz दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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पाकिस्तान ने दिया संयुक्त गश्त का प्रस्ताव

इस गतिरोध को कम करने के लिए पाकिस्तान ने इस जलमार्ग में संयुक्त निगरानी और गश्त का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुचारू बनाए रखना और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना है।

आगे क्या? नजरें भविष्य की वार्ता पर

अब यह देखना अहम होगा कि क्या अमेरिका और ईरान इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ते हैं या फिर क्षेत्र में तनाव इसी तरह बना रहता है।

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Anuj Kumar

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