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Iran: ईरान में सत्ता परिवर्तन की आहट

Author Icon By Dhanarekha
Updated: January 6, 2026 • 4:34 PM
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खामेनेई के रूस भागने की योजना और ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ का पतन

तेहरान: ब्रिटिश अखबार ‘द टाइम्स’ की एक खुफिया रिपोर्ट ने दावा किया है कि 86 वर्षीय अयातुल्लाह अली खामेनेई(Iran) ने प्रदर्शनों के उग्र होने की स्थिति में रूस शरण(Russia Asylum) लेने की गुप्त योजना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई अपने बेटे मुजतबा और 20 करीबियों के साथ तेहरान छोड़ने की तैयारी में हैं। इसके लिए विदेशों में संपत्तियां और नकदी पहले ही सुरक्षित कर ली गई है। 35 वर्षों से ईरान की सत्ता पर काबिज खामेनेई को अब अपनी सुरक्षा और सत्ता खोने का डर सता रहा है, क्योंकि प्रदर्शनकारी अब सीधे शासन परिवर्तन की मांग कर रहे हैं

आर्थिक बदहाली और GenZ का आक्रोश: रियाल का ऐतिहासिक पतन

ईरान(Iran) में विद्रोह की मुख्य आग आर्थिक तबाही से भड़की है। दिसंबर 2025 तक ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत गिरकर 1.45 मिलियन प्रति डॉलर हो गई है, जिससे आम जनता की कमर टूट गई है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में 72% की भारी वृद्धि और दवाओं की किल्लत ने ‘GenZ‘ (नई पीढ़ी) को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। सरकार द्वारा 2026 के बजट में भारी टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने जलती आग में घी का काम किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया, तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ का बिखराव और अंतरराष्ट्रीय दबाव

ईरान के नेतृत्व वाला ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ (हमास, हिजबुल्ला, हूती और सीरिया) वर्तमान में अपने सबसे कमजोर दौर से गुजर रहा है। सीरिया में सत्ता परिवर्तन और लेबनान में हिजबुल्ला के शीर्ष नेतृत्व के सफाए ने ईरान(Iran) को क्षेत्रीय स्तर पर अलग-थलग कर दिया है। इसी अस्थिरता को देखते हुए भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। ईरान की धार्मिक सत्ता के खिलाफ यह विद्रोह न केवल घरेलू है, बल्कि इसके तार कमजोर पड़ते अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठजोड़ से भी जुड़े हैं।

‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ क्या है और यह वर्तमान में क्यों कमजोर हो रहा है?

‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ ईरान(Iran) के नेतृत्व वाला एक अनौपचारिक सैन्य और राजनीतिक गठबंधन है, जिसमें हिजबुल्ला (लेबनान), हमास (गाजा), हूती (यमन) और सीरियाई सरकार शामिल रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मध्य-पूर्व में अमेरिका और इजराइल के प्रभाव को रोकना है। हाल ही में इजराइल-हमास युद्ध, हिजबुल्ला के नेताओं की मौत और सीरिया में शासन परिवर्तन के कारण यह गठबंधन काफी कमजोर हो गया है, जिससे ईरान की क्षेत्रीय शक्ति घट गई है।

ईरान में वर्तमान विरोध प्रदर्शनों का मुख्य कारण क्या है?

इन प्रदर्शनों के दो प्रमुख कारण हैं: पहला, आर्थिक पतन, जिसमें मुद्रा स्फीति के कारण रियाल का मूल्य आधा रह गया है और महंगाई 72% तक बढ़ गई है। दूसरा, राजनीतिक दमन, जहां नई पीढ़ी (GenZ) अयातुल्लाह खामेनेई के 35 साल पुराने धार्मिक शासन से आजादी और लोकतंत्र की मांग कर रही है। सरकार द्वारा बढ़ाए गए भारी टैक्स ने इस असंतोष को एक राष्ट्रव्यापी विद्रोह में बदल दिया है।

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