Nicolas Maduro : अमेरिका द्वारा वेनेजुएला से अपहृत राष्ट्रपति Nicolas Maduro ने न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में पेश होते हुए खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि वह एक सम्मानित व्यक्ति हैं और उन्हें जबरन अगवा किया गया है। यह बयान उन्होंने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से दिया।
सोमवार को मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को कथित “नार्को-आतंकवाद” के आरोपों में अदालत में पेश किया गया। दोनों को भारी सुरक्षा के बीच हथकड़ियों में अदालत लाया गया और कार्यवाही को समझने के लिए स्पेनिश अनुवाद के हेडसेट दिए गए।
मादुरो ने अदालत में दोष स्वीकार करने से इनकार (Nicolas Maduro) करते हुए कहा, “मुझे अपहरण किया गया है। मैं निर्दोष हूं और अपने देश का राष्ट्रपति हूं।” वहीं फ्लोरेस ने भी अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया।
अमेरिका का आरोप है कि मादुरो और उनके सहयोगियों ने ड्रग कार्टेल्स के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर कोकीन की तस्करी की। दोषी पाए जाने पर उन्हें आजीवन कारावास हो सकता है, हालांकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि इन आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत नहीं हैं।
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मादुरो के वकील ने गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने की बात कही और दावा किया कि एक संप्रभु राष्ट्र के प्रमुख होने के नाते मादुरो को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इस मामले में लंबी कानूनी लड़ाई की संभावना जताई जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिकी कार्रवाई पर चिंता जताई और कहा कि किसी संप्रभु देश के खिलाफ बल प्रयोग अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
वेनेजुएला के राजदूत ने अमेरिका पर अवैध सैन्य हमला करने और राष्ट्रपति के अपहरण का आरोप लगाया। रूस और चीन ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की, जबकि फ्रांस और कोलंबिया ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून को कमजोर करने की बात कही। वहीं अमेरिका ने इसे एक वैध कानून प्रवर्तन कार्रवाई बताया।
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