Nepal- पीएम बनते ही बालेन शाह का बड़ा एक्शन, हिंसा मामले में पूर्व पीएम ओली गिरफ्तार

By Anuj Kumar | Updated: March 28, 2026 • 1:49 PM

काठमांडु। नेपाल की राजनीति में शनिवार तड़के एक बड़ा और नाटकीय घटनाक्रम सामने आया, जब पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (EX Prime Minister KP Sharma Oli) को उनके भक्तपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई सितंबर 2025 में हुए ‘जेन जी’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के मामले में की गई है।

पूर्व पीएम समेत कई बड़े नेता हिरासत में

इस कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ओली के साथ नेपाली कांग्रेस (Nepali Congress) के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है।

पीएम बनते ही बालेन शाह का बड़ा एक्शन

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब महज 24 घंटे पहले ही बालेन शाह (Ballen Shah) ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है। उनकी जीत को पारंपरिक राजनीति के अंत और युवा नेतृत्व के उभार के रूप में देखा जा रहा है। 5 मार्च को हुए आम चुनाव में शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने ओली को करारी शिकस्त दी थी।

जेन जी क्रांति’ बनी गिरफ्तारी की वजह

गिरफ्तारी का मुख्य आधार सितंबर 2025 की ‘जेन जी क्रांति’ है, जिसने नेपाल की सत्ता व्यवस्था को हिला दिया था। डिजिटल स्वतंत्रता की मांग से शुरू हुआ यह आंदोलन बाद में भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ देशव्यापी विरोध में बदल गया। उस समय सत्ता में रही ओली सरकार ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए सख्त कदम उठाए, जिसमें कम से कम 76 लोगों की मौत हुई और 2,000 से अधिक लोग घायल हुए।

जांच रिपोर्ट में ओली जिम्मेदार

इस हिंसा की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ओली को जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के शीर्ष कार्यकारी होने के नाते सुरक्षा बलों की कार्रवाई की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी उन्हीं पर बनती है। रिपोर्ट में तत्कालीन पुलिस प्रमुख चंद्र कुबेर खापुंग समेत कई अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

दोष सिद्ध हुआ तो 10 साल तक की सजा संभव

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक पर लगे आरोप अदालत में साबित होते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की सजा हो सकती है।

ओली ने बताया ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’

दूसरी ओर, ओली ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उनका कहना है कि आयोग की रिपोर्ट दुर्भावना से प्रेरित है और उनकी छवि खराब करने के लिए तैयार की गई है।

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नेपाल में बढ़ी सुरक्षा, सियासत में हलचल तेज

इन दिग्गज नेताओं की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में हालात और गर्म होने की संभावना जताई जा रही है।

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