Mojtaba khamenei : मोज्तबा खामेनेई- 17 साल की रणनीति से सुप्रीम लीडर

By Sai Kiran | Updated: March 13, 2026 • 9:17 AM

Mojtaba khamenei : ईरान की राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला है। मोज्तबा खामेनेई (56) ने देश के नए सुप्रीम लीडर के रूप में पदभार संभाल लिया है। बिना किसी औपचारिक सरकारी पद के सीधे सर्वोच्च सत्ता तक पहुंचना दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है।

मोज्तबा के राजनीतिक सफर की शुरुआत 1986 में ईरान-इराक युद्ध के दौरान हुई। उस समय मात्र 17 साल की उम्र में वे ‘हबीब बटालियन’ में एक स्वयंसेवक के रूप में शामिल हुए थे। वहीं उनकी पहचान ईरान की शक्तिशाली सैन्य संस्था IRGC के कई कमांडरों से हुई।

इन्हीं सैन्य और राजनीतिक संबंधों ने आगे चलकर उनकी शक्ति को मजबूत किया। विश्लेषकों का मानना है कि यही नेटवर्क उन्हें ईरान की सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने में अहम साबित हुआ।

अन्य पढ़े: सेंसेक्स 1342 अंक टूटा, निफ्टी भी भारी दबाव में

पिछले कुछ वर्षों से मोज्तबा अपने पिता और पूर्व सुप्रीम (Mojtaba khamenei) लीडर अली खामेनेई के लिए एक ‘गेटकीपर’ की तरह काम कर रहे थे। महत्वपूर्ण नियुक्तियों, विदेश नीति और खुफिया एजेंसियों के फैसलों में वे पर्दे के पीछे से प्रभाव डालते रहे।

हालांकि 1979 की ईरानी क्रांति ने राजशाही व्यवस्था को समाप्त किया था, लेकिन मोज्तबा की नियुक्ति को लेकर अब ‘वंशवाद’ जैसी आलोचनाएं भी सामने आ रही हैं। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में कहा गया है कि IRGC के प्रभाव के चलते असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने यह फैसला लिया।

अब सवाल यह है कि आंतरिक विरोध और आर्थिक संकट से जूझ रहे ईरान को मोज्तबा खामेनेई किस दिशा में ले जाते हैं।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

#Breaking News in Hindi #Google News in Hindi Ali Khamenei successor iran irgc network Iran leadership change Iran new supreme leader Iran politics news iran supreme leader update middle east politics news Mojtaba Khamenei news mojtabakhameini biography mojtabakhameini power rise