NATO: ग्रीनलैंड पर घमासान: ट्रम्प की धमकी के बाद NATO देशों की सैन्य लामबंदी

By Dhanarekha | Updated: January 19, 2026 • 3:46 PM

ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस: यूरोप का कड़ा संदेश

नुउक: डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कहे जाने के बाद यूरोप(NATO) के 7 देशों ने एकजुट होकर अपनी सेनाएं ग्रीनलैंड भेजी हैं। डेनमार्क(Denmark) की अगुवाई में शुरू हुए ‘ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस’ के तहत फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे और ब्रिटेन जैसे देशों ने अपने सैनिक तैनात किए हैं। हालांकि, भेजे गए सैनिकों की संख्या (लगभग 35-40) अभी कम है, लेकिन इसका उद्देश्य दुनिया को यह राजनीतिक संदेश देना है कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता के मुद्दे पर यूरोपीय देश और NATO सदस्य पूरी तरह एकजुट हैं

सैन्य अभ्यास से ‘ऑपरेशन आर्कटिक सेंट्री’ की तैयारी

वर्तमान में चल रहा मिशन एक सैन्य अभ्यास(Military Exercises) है, जिसका उद्देश्य भविष्य में बड़ी सैन्य तैनाती की संभावनाओं को टटोलना है। डेनमार्क पहले से ही यहाँ अपने 200 सैनिक और ‘सीरियस डॉग स्लेज पेट्रोल’ तैनात रखता है। फ्रांस(NATO) के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आने वाले समय में सैन्य उपस्थिति को और मजबूत करने का संकेत दिया है। इसके अगले चरण में ‘ऑपरेशन आर्कटिक सेंट्री’ नाम से एक बड़ा नाटो मिशन शुरू करने की योजना है, जो ग्रीनलैंड के आसपास सैन्य निगरानी और सुरक्षा को पुख्ता करेगा।

अन्य पढ़े: टैरिफ मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप को झटका, शी जिनपिंग कर रहे वैश्विक मोर्चाबंदी

व्यापार युद्ध की शुरुआत: टैरिफ और काउंटर-टैरिफ

सैन्य तनाव के साथ-साथ अब आर्थिक जंग भी छिड़ गई है। ट्रम्प ने विरोध करने वाले 8 यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिसे जून तक बढ़ाकर 25% किया जा सकता है। इसके जवाब में यूरोपीय संघ (EU) ने अपने ‘ट्रेड बाजूका’ यानी ‘एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट’ को सक्रिय करने की तैयारी कर ली है। EU के सांसद अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों को फ्रीज करने और अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैक्स लगाने पर विचार कर रहे हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।

‘ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?

यह डेनमार्क की अगुवाई में एक सैन्य अभ्यास(NATO) है जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रीनलैंड में भविष्य की सैन्य तैनाती के लिए सहयोगी देशों के बीच तालमेल और तैयारी को परखना है। यह ट्रम्प की कब्जे वाली धमकियों के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध भी है।

यूरोपीय संघ (EU) का ‘ट्रेड बाजूका’ क्या है?

इसे आधिकारिक तौर पर ‘एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट’ कहा जाता है। यह एक कानूनी हथियार है जो यूरोपीय संघ को उन देशों के खिलाफ सख्त आर्थिक प्रतिबंध और टैरिफ लगाने की शक्ति देता है जो यूरोप पर अनुचित आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।

अन्य पढ़े:

#ArcticEndurance #Breaking News in Hindi #Google News in Hindi #GreenlandConflict #GreenlandSovereignty #Hindi News Paper #NATOMission2026 #TradeWarNews #TrumpVsEurope