PM Modi: PM मोदी का ऐतिहासिक इजराइल आगमन

By Dhanarekha | Updated: February 25, 2026 • 5:20 PM

एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत और कूटनीतिक हलचल

तेल अवीव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) 9 साल बाद इजराइल पहुंचे हैं, जहाँ एयरपोर्ट पर स्वयं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू(Nethnyahu) ने उनकी अगवानी की। इस दौरान राष्ट्रगान के साथ उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इजराइली अखबार ‘द जेरूसलम पोस्ट’ ने अपने फ्रंट पेज पर मोदी की तस्वीर के साथ हिंदी में ‘नमस्ते’ और हिब्रू में ‘शालोम’ लिखकर इस यात्रा के महत्व को दर्शाया है। यह दौरा दोनों देशों के बीच गहरी होती मित्रता और रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाला माना जा रहा है

इजराइली संसद में संबोधन और रक्षा समझौतों पर नजर

पीएम मोदी आज इजराइल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करेंगे, और ऐसा करने वाले वे भारत के पहले प्रधानमंत्री(PM Modi) होंगे। इस यात्रा का मुख्य केंद्र रक्षा सहयोग है, जिसमें एडवांस ड्रोन और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण हथियारों(Weapons) की डील पर बातचीत होने की संभावना है। इसके अलावा, पीएम मोदी एक टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी का दौरा करेंगे और इजराइल में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगे, जो दोनों देशों के बीच ‘पीपल-टू-पीपल’ कनेक्ट को मजबूत करेगा।

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इजराइल की घरेलू राजनीति और विपक्ष का रुख

पीएम मोदी(PM Modi) का यह दौरा इजराइल की घरेलू राजनीति के कारण विवादों में भी घिर गया है। इजराइल का मुख्य विपक्ष सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को विशेष सत्र में आमंत्रित न किए जाने के विरोध में संसद के बहिष्कार की योजना बना रहा है। विपक्षी नेता येर लैपिड ने चिंता जताई है कि वे भारत को शर्मिंदा नहीं करना चाहते, लेकिन प्रोटोकॉल के उल्लंघन के कारण टकराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, कूटनीतिक स्तर पर दोनों देशों के नेता इस दौरे को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की इस इजराइल यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना है। इसमें रक्षा सौदे (विशेषकर ड्रोन और मिसाइल सिस्टम), उन्नत तकनीक (AI और स्पेस), और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा शामिल है। साथ ही, वे इजराइली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम बनकर इतिहास रचेंगे।

इजराइली संसद में होने वाले मोदी के भाषण को लेकर विवाद क्यों हो रहा है?

विवाद का कारण यह है कि संसद स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को विशेष सत्र में आमंत्रित नहीं किया है, जो कि वहां की परंपरा के खिलाफ है। इसके विरोध में इजराइली विपक्ष ने सत्र के बहिष्कार की धमकी दी है, हालांकि यह विवाद पूरी तरह से इजराइल की आंतरिक राजनीति से जुड़ा है।

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