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Latest Hindi News : USA-ईरान पर संभावित परमाणु हमला टला, अमेरिका ने इज़रायल को रोका

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: November 22, 2025 • 11:26 AM
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वॉशिंगटन। एक पूर्व सीआईए अधिकारी ने दावा किया है कि इजरायल (Israel) ने ईरान पर परमाणु बम से हमला करने का मन बना लिया था, लेकिन ऐन वक्त पर उसे रोक लिया गया। यदि यह हमला हो जाता तो भारी तबाही होना तय था।

पूर्व CIA अधिकारी का दावा

पूर्व सीआईए अधिकारी जॉन किरियाकू ने एक पॉडकास्ट (Podcast) में बताया कि इस संभावित हमले के पीछे असली दबाव इजरायल का था। उसका कहना था कि अगर अमेरिका ने ईरान के बंकरों को तबाह नहीं किया, तो इजरायल ‘न्यूक्लियर हथियार’ का इस्तेमाल कर सकता है। किरियाकू के मुताबिक, यह धमकी पहले कभी नहीं दी गई थी। ट्रंप प्रशासन को लगा कि अमेरिका का हमला तीसरे विश्व युद्ध को रोक सकता है।

इजरायल के न्यूक्लियर हथियार पर स्वीकारोक्ति?

पॉडकास्ट में यह भी चर्चा हुई कि इजरायल ने कभी सार्वजनिक रूप से नहीं माना कि उसके पास न्यूक्लियर हथियार हैं। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने उसने यह बात स्वीकार की।
किरियाकू का दावा है कि इजरायल ने 1950 के दशक में इस पर काम शुरू किया और 60–70 के दशक में क्षमता हासिल कर ली।

ऑपरेशन का नाम: ‘मिडनाइट हैमर’

इस पूरी कार्रवाई को ऑपरेशन मिडनाइट हैमर (Operation Midnight Hammer) नाम दिया गया था। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इसे एक ‘प्रिसिजन स्ट्राइक’ बताया, जिसे पूर्ण गोपनीयता के साथ अंजाम दिया गया। अमेरिकी पनडुब्बी ने भी इस्फहान में एक अन्य न्यूक्लियर साइट पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागीं।

नौ दिनों तक चला इजरायली हमला

रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के नौ दिनों तक चले हमलों ने ईरान की हवाई सुरक्षा और सैन्य नेतृत्व को कमजोर कर दिया था।

जून माह में अमेरिकी कार्रवाई

अमेरिका ने जून में ईरान की गहरी अंडरग्राउंड न्यूक्लियर साइट्स पर ऐसा हमला किया, जिसकी तैयारी वर्षों से की जा रही थी। अमेरिकी पायलटों ने ईरान के फोर्दो फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट पर लगभग 15,000 किग्रा GBU-57 ‘मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर’ बम गिराए। ये बम जमीन के 100 मीटर से अधिक गहराई में जाकर विस्फोट करने में सक्षम होते हैं। हमले से ईरान की परमाणु क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है, ऐसा अमेरिकी अधिकारियों का दावा है।

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