IRAN- ईरान के विरोध प्रदर्शनों में गूंजा रजा पहलवी का नाम

By Anuj Kumar | Updated: January 16, 2026 • 10:03 AM

तेहरान,। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रजा पहलवी (Raza Pahalvi) एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। सड़कों पर “पहलवी वापस आएंगे” जैसे नारे सुनाई देना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कुछ ईरानी नागरिक मौजूदा शासन के विकल्प के रूप में उन्हें देखने लगे हैं। हालांकि, उनकी भूमिका, विदेशी समर्थन और इजराइल (Israel) से नजदीकी होने को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।

विदेशी समर्थन को लेकर उठे सवाल

विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि विदेशी समर्थन, खासकर इजराइल से करीबी, उनकी विश्वसनीयता को कमजोर कर सकती है। आलोचकों का कहना है कि ईरान की युवा पीढ़ी ने राजशाही का दौर देखा ही नहीं है और पहलवी राजवंश का इतिहास भी विदेशी समर्थन से जुड़ा रहा है।

पहलवी राजवंश का इतिहास

गौरतलब है कि 1921 में रजा खान पहलवी ब्रिटिश समर्थन से सत्ता में आए थे और 1925 से 1941 तक शासन किया। बाद में उनके बेटे मोहम्मद रजा शाह ने 1941 से 1979 तक राज किया, लेकिन इस्लामी क्रांति ने राजवंश का अंत कर दिया।

क्रांति के समय कम उम्र और निर्वासन

यहां बताते चलें कि रजा पहलवी 1979 की इस्लामी क्रांति (Islamic Revolution) के समय केवल 17 वर्ष के थे और अमेरिका में सैन्य पायलट प्रशिक्षण ले रहे थे। क्रांति के बाद पूरा पहलवी परिवार निर्वासन में चला गया। उनके पिता और ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी का 1980 में मिस्र में निधन हो गया था। उनकी मां, पूर्व महारानी फराह पहलवी, अब 87 वर्ष की हैं। वर्तमान में रजा पहलवी वाशिंगटन डीसी में रहते हैं।

ईरान लौटने की इच्छा जताई

हाल ही में एक इंटरव्यू में रजा पहलवी ने कहा कि जैसे ही परिस्थितियां अनुमति देंगी, वे ईरान लौटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बार-बार स्पष्ट किया है कि वे खुद को राजा के रूप में ताज पहनाने की इच्छा नहीं रखते। उनका कहना है कि वे ईरान को एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था की ओर ले जाने के लिए केवल संक्रमणकालीन नेतृत्व की भूमिका निभाना चाहते हैं।

अमेरिका में शिक्षा और पायलट ट्रेनिंग

रजा पहलवी की शिक्षा अमेरिका में हुई है। उन्होंने पायलट की ट्रेनिंग के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया से राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की है। वे ईरानी प्रवासी समुदाय में काफी सक्रिय हैं और कई देशों के नेताओं, सांसदों और नीति-निर्माताओं से मुलाकात करते रहते हैं।

सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय अपील

सोशल मीडिया पर भी उनकी मौजूदगी मजबूत है और वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए समर्थन की अपील करते रहे हैं।

ईरान के भविष्य को लेकर नई बहस

दशकों बाद, जब ईरान में असंतोष और विरोध तेज हो रहे हैं, रजा पहलवी का नाम एक बार फिर देश के राजनीतिक भविष्य को लेकर बहस का हिस्सा बन गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे केवल निर्वासन में रहने वाले विपक्षी नेता बने रहते हैं या ईरान की राजनीति में कोई निर्णायक भूमिका निभा पाते हैं

पहलवी रजा कौन है?

ईरान के अपदस्थ शाह के पुत्र रजा पहलवी ने उन प्रमुख नीतियों का ब्योरा दिया है जिन्हें वे देश पर दोबारा शासन करने की स्थिति में लागू करेंगे। पहलवी ने कहा कि वे इज़राइल को मान्यता देंगे और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करेंगे। अमेरिका में रहने वाले पहलवी ने ईरान के नेताओं को उखाड़ फेंकने की मांगों का समर्थन किया है।

प्रिंस रेजा पहलवी कौन हैं?

रेजा पहलवी ईरान की निर्वासित विपक्षी समूह, नेशनल काउंसिल ऑफ ईरान के संस्थापक और नेता हैं। वह भविष्य की सरकार की प्रकृति का निर्धारण करने के लिए ईरान में एक स्वतंत्र जनमत संग्रह के भी समर्थक हैं। उन्हें आधिकारिक तौर पर 1967 में अपने पिता के राज्याभिषेक के समय ईरान का क्राउन प्रिंस नामित किया गया था।

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