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Trade Agreements: व्यापार समझौते पर अटका भारत-अमेरिका रिश्ता

Author Icon By Dhanarekha
Updated: August 17, 2025 • 10:57 AM
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डेयरी प्रोडक्ट्स बने सबसे बड़ा विवाद

वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका (US) के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Trade Agreements) को लेकर होने वाली बातचीत फिलहाल टल गई है। यह बैठक 25 से 29 अगस्त के बीच होनी थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने की संभावना है। अब तक पांच दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है और छठे दौर के लिए अमेरिकी टीम भारत आने वाली थी

डेयरी उत्पादों पर बड़ा टकराव

अमेरिका चाहता है कि उसके डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, पनीर और घी को भारत में आयात की अनुमति मिले। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और इस क्षेत्र से करोड़ों छोटे किसान जुड़े हैं। सरकार को आशंका है कि अमेरिकी डेयरी आयात से स्थानीय किसानों को बड़ा नुकसान होगा।

इसके साथ ही धार्मिक भावना भी एक बड़ा कारण है। अमेरिका में गायों को दिए जाने वाले भोजन में जानवरों की हड्डियों से बने एंजाइम मिलाए जाते हैं। भारत में इसे ‘नॉन वेज मिल्क’ माना जाता है, जिसके चलते इसका विरोध और गहरा हो गया है।

भारत का स्पष्ट रुख और लक्ष्य

Trade Agreements

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा था कि किसानों और पशुपालकों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनका जोर ‘स्वदेशी’ उत्पादों को बढ़ावा देने पर है। इसी कारण भारत ने अमेरिका की मांग को खारिज कर दिया है।

दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार(Trade Agreements) को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करना है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2025 में भारत का अमेरिका को निर्यात 21.64% बढ़ा, जबकि आयात में 12.33% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टैरिफ विवाद और रूस का असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 6 अगस्त को 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इससे पहले 30 जुलाई को भी उन्होंने 25% टैरिफ लगाया था। अब भारत पर कुल 50% टैरिफ लागू हो जाएगा। इसका असर दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर गहराई से पड़ सकता है।

उधर अलास्का (Alaska) में ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की मुलाकात हुई, जिसमें यूक्रेन मुद्दे पर चर्चा हुई। इस मुलाकात के बाद उम्मीद थी कि भारत पर अतिरिक्त शुल्क में कुछ राहत मिल सकती है, मगर फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है।

भारत और अमेरिका की बातचीत क्यों टली?

बैठक टलने की मुख्य वजह डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर विवाद है। भारत अपने किसानों और पशुपालकों के हितों से समझौता नहीं करना चाहता, जबकि अमेरिका अपने उत्पादों के लिए ज्यादा बाजार पहुंच की मांग कर रहा है।

अमेरिका भारत के डेयरी बाजार में क्यों रुचि रखता है?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है और यहां की मांग लगातार बढ़ रही है। अमेरिका चाहता है कि वह अपने दूध, पनीर और घी जैसे उत्पादों को भारत में बेच सके, जिससे उसे बड़ा बाजार मिल सके।

भारत पर टैरिफ का असर क्या होगा?

टैरिफ बढ़ने से भारत-अमेरिका के बीच व्यापार महंगा हो जाएगा। भारतीय निर्यातकों पर दबाव बढ़ेगा और अमेरिका को होने वाला निर्यात घट सकता है। हालांकि भारत अभी भी वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रहा है।

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