तेहरान। दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuzz) में जहाजों की आवाजाही फिर शुरू होने से वैश्विक बाजारों को बड़ी राहत मिली है। ईरान (IRAN) ने दावा किया है कि उसने इस रणनीतिक जलमार्ग से कुछ जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ घंटों में करीब 30 जहाज इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरे हैं। इनमें कई चीनी जहाज भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्हें विशेष रूप से ट्रांजिट की अनुमति दी गई। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग गतिविधियों में तेजी देखी गई है।
तेल की कीमतों में आई गिरावट
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में आवाजाही बहाल होने का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दिया। कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 73 सेंट यानी करीब 0.7 प्रतिशत गिरकर 104.90 डॉलर प्रति बैरल (Barrel) पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स भी 20 सेंट की गिरावट के साथ 100.82 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
वैश्विक बाजार की चिंता बरकरार
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब निवेशक अमेरिका में संभावित ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर पहले से ही चिंतित हैं। ऐसे में ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की खबर ने बाजार को कुछ राहत जरूर दी है। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की नजर अभी भी इस क्षेत्र की गतिविधियों पर बनी हुई है।
ट्रंप-शी वार्ता में भी उठा मुद्दा
इस बीच कूटनीतिक स्तर पर भी अहम पहल देखने को मिली। व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच हुई बातचीत में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खुला रखने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने माना कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के लिए इस समुद्री मार्ग का खुला रहना बेहद जरूरी है।
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दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम मार्ग
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव या बाधा सीधे तौर पर वैश्विक सप्लाई चेन, ऊर्जा बाजार और विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है। फिलहाल जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से तेल बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
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