Trump-Macron: ट्रम्प-मैक्रों विवाद: वाइन और शांति योजना पर रार

By Dhanarekha | Updated: January 20, 2026 • 4:40 PM

फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ की धमकी

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प(Trump-Macron) ने फ्रांस को कड़ी आर्थिक चेतावनी देते हुए कहा है कि वह फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर 200% आयात शुल्क लगा सकते हैं। ट्रम्प की इस नाराजगी का मुख्य कारण फ्रांस का गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने से इनकार करना(To Deny) है। ट्रम्प ने तंज कसते हुए कहा कि मैक्रों की कुर्सी जल्द ही छिनने वाली है और यदि वे शांति बोर्ड में शामिल नहीं होते हैं, तो उन्हें इस भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। इटली(Italy) के बाद फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वाइन उत्पादक है, और अमेरिका उसका एक बड़ा बाजार है, ऐसे में यह धमकी फ्रांस की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका हो सकती है

निजी मैसेज लीक और ग्रीनलैंड विवाद

राजनयिक मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए ट्रम्प(Trump-Macron) ने इमैनुएल मैक्रों के एक निजी संदेश का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इस संदेश में मैक्रों ने सीरिया और ईरान के मुद्दों पर सहमति जताई थी, लेकिन ट्रम्प की ग्रीनलैंड नीति का मजाक उड़ाया था। फ्रांस ने अमेरिकी प्रशासन के उस तर्क की भी आलोचना की थी जिसमें ग्रीनलैंड को रूस के खतरे से बचाने की बात कही गई थी। फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने तंज कसते हुए कहा था कि अमेरिका का तर्क ‘घर को आग से बचाने के लिए पहले ही जला देने’ जैसा है। इस जुबानी जंग ने दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट और बढ़ा दी है।

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NCAG और ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का महत्व

ट्रम्प ने गाजा के पुनर्निर्माण और प्रशासन के लिए नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) का गठन किया है। इसमें ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बनाया गया है जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन और अजय बंगा जैसे वैश्विक नेताओं(Trump-Macron) और विशेषज्ञों को न्योता दिया गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, स्थायी सदस्यता के लिए देशों को 1 अरब डॉलर का योगदान देना पड़ सकता है, हालांकि व्हाइट हाउस ने इसे अनिवार्य फीस मानने से इनकार किया है। इजराइल भी इस बोर्ड में तुर्किए की मौजूदगी को लेकर नाराज है, जिससे ट्रम्प की यह योजना विवादों के केंद्र में आ गई है।

ट्रम्प ने फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन को ही निशाने पर क्यों लिया है?

फ्रांस दुनिया की ‘वाइन राजधानी’ है और दुनिया की 100% असली ‘शैम्पेन’ केवल फ्रांस के शैम्पेन क्षेत्र में ही बनती है। यह फ्रांस के गौरव(Trump-Macron) और अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा है। ट्रम्प जानते हैं कि इस पर 200% टैरिफ लगाने से फ्रांस के सबसे बड़े उद्योग को भारी नुकसान होगा, जिससे वे मैक्रों को अपनी नीतियों (जैसे गाजा शांति बोर्ड) पर समझौता करने के लिए मजबूर कर सकेंगे।

इजराइल को ट्रम्प के बनाए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ से क्या आपत्ति है?

इजराइल मुख्य रूप से तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान को इस बोर्ड में शामिल किए जाने से नाराज है। इजराइल तुर्किए को हमास का समर्थक मानता है और उसका कहना है कि ऐसे देशों को गाजा के भविष्य के प्रशासन में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, इजराइल का आरोप है कि अमेरिका ने यह घोषणा उनसे बिना सलाह किए की है।

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