वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प(Trump) के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में उनकी निजी संपत्ति में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पद पर रहते हुए ट्रम्प और उनके परिवार ने विदेशी सौदों, क्रिप्टोकरेंसी और मीडिया राइट्स के जरिए अरबों रुपये की कमाई की है, जिससे हितों के टकराव (Conflict of Interest) के गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
भारत में बढ़ता ‘ट्रम्प साम्राज्य’: पुणे और गुड़गांव में निवेश
ट्रम्प(Trump) ऑर्गेनाइजेशन भारत में अपने पैर तेजी से पसार रहा है। वर्तमान में भारत में 8 ट्रम्प-ब्रांडेड प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। पुणे(Pune) में ‘ट्रम्प वर्ल्ड सेंटर’ के नाम से भारत का पहला ट्रम्प कमर्शियल प्रोजेक्ट बन रहा है, जिससे लगभग 289 मिलियन डॉलर की कमाई का अनुमान है। इसके अलावा, गुड़गांव में दो 51-मंजिला लग्जरी रेजिडेंशियल टावर्स बनाए जा रहे हैं, जिनसे ₹3,500 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य है। दिलचस्प यह है कि ट्रम्प ने कुछ समय पहले भारत को “डेड इकोनॉमी” कहा था, लेकिन उनके बिजनेस के लिए भारत एक बड़ा मुनाफा केंद्र बना हुआ है।
क्रिप्टोकरेंसी और ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ से भारी मुनाफा
ट्रम्प परिवार की सबसे बड़ी कमाई का जरिया अब रियल एस्टेट नहीं बल्कि क्रिप्टोकरेंसी बन गया है। उनकी कंपनी ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ और उससे जुड़े मीम कॉइन्स से परिवार ने पिछले एक साल में करीब 867 मिलियन डॉलर (लगभग ₹7,300 करोड़) कमाए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, UAE की एक फर्म ने ट्रम्प(Trump) की क्रिप्टो कंपनी में $2 बिलियन का निवेश किया, जिसके कुछ समय बाद ही ट्रम्प प्रशासन ने UAE को आधुनिक सेमीकंडक्टर चिप्स बेचने की मंजूरी दे दी। यह सीधे तौर पर सरकारी नीति और निजी लाभ के बीच के धुंधले अंतर को दर्शाता है।
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टैरिफ वॉर और विदेशी गोल्फ प्रोजेक्ट्स की ‘डील’
ट्रम्प(Trump) पर आरोप है कि उन्होंने अपनी टैरिफ नीतियों का इस्तेमाल विदेशी सरकारों से व्यापारिक सौदे हासिल करने के लिए किया। उदाहरण के लिए, वियतनाम पर अमेरिका ने 46% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, लेकिन जैसे ही हनोई में ट्रम्प ऑर्गेनाइजेशन को $1.5 बिलियन के गोल्फ प्रोजेक्ट की मंजूरी मिली, टैरिफ घटाकर 20% कर दिया गया। इसी तरह ओमान और सऊदी अरब में भी लग्जरी होटलों और गोल्फ कोर्स के लिए लाइसेंसिंग डील की गई हैं। यहाँ तक कि कतर ने उन्हें $400 मिलियन का एक शानदार विमान भी तोहफे में दिया है, जिसे ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ कहा जा रहा है।
ट्रम्प की संपत्ति में इस भारी वृद्धि के सबसे बड़े स्रोत क्या रहे हैं?
ट्रम्प की कमाई के तीन मुख्य स्रोत रहे हैं: पहला, उनकी क्रिप्टो कंपनी ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’; दूसरा, वियतनाम, ओमान और भारत जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय रियल एस्टेट और गोल्फ प्रोजेक्ट्स; और तीसरा, मीडिया सेटलमेंट्स व डॉक्यूमेंट्री राइट्स (जैसे अमेजन द्वारा ‘मेलानिया’ फिल्म के लिए दिए गए $28-40 मिलियन)।
भारत में ट्रम्प के प्रोजेक्ट्स से उनकी कमाई का क्या गणित है?
भारत में ट्रम्प के 8 प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। पुणे के ‘ट्रम्प वर्ल्ड सेंटर’ से ही उन्हें $289 मिलियन (करीब ₹2,400 करोड़) से अधिक की आय होने की उम्मीद है। गुड़गांव के प्रोजेक्ट से भी हजारों करोड़ की सेल्स का अनुमान है, जो भारत को उनके अंतरराष्ट्रीय बिजनेस का एक प्रमुख केंद्र बनाता है।
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