US-Russia Clash: महासागर में अमेरिका-रूस भिड़ंत

By Dhanarekha | Updated: January 10, 2026 • 4:13 PM

तेल टैंकरों की जब्ती और कूटनीतिक दबाव

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस(US-Russia Clash) के विशेष अनुरोध पर जब्त किए गए ऑयल टैंकर ‘मैरिनेरा’ से दो रूसी नागरिकों को रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि, कूटनीतिक दबाव(Diplomatic Pressure) के बाद रूसियों को तो छोड़ दिया गया, लेकिन जहाज पर सवार 3 भारतीय क्रू मेंबर अब भी अमेरिकी हिरासत में हैं। 7 जनवरी को उत्तरी अटलांटिक महासागर में जब्त किए गए इस रूसी झंडे वाले जहाज पर यूक्रेन और जॉर्जिया के नागरिक भी मौजूद थे। भारत के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी अब एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है

‘शैडो फ्लीट’ और अमेरिकी घेराबंदी

अमेरिका ने पिछले तीन दिनों में पांच तेल टैंकरों को जब्त कर अपनी आक्रामक(US-Russia Clash) नीति स्पष्ट कर दी है। ताजा कार्रवाई कैरेबियाई सागर में ‘ओलिना’ नामक टैंकर पर हुई, जिसे विमान वाहक पोत USS जेराल्ड आर. फोर्ड की मदद से पकड़ा गया। अमेरिका का दावा है कि ये जहाज ‘शैडो फ्लीट’ (Shadow Fleet) का हिस्सा हैं, जो पहचान छिपाकर और ट्रांस्पॉन्डर बंद करके वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे हैं। इन जहाजों का उपयोग अक्सर वेनेजुएला और चीन जैसे देशों के बीच गुप्त तेल व्यापार के लिए किया जाता है।

अन्य पढ़े: भारत के लिए खुलेगा वेनेजुएला का तेल भंडार

अंतरराष्ट्रीय कानून बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा

इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी बहस छेड़ दी है। रूस ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि अमेरिकी(US-Russia Clash) सैनिकों ने खुले समुद्र में नागरिक जहाजों को रोका है, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। वहीं, अमेरिका इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रतिबंधों को लागू करने की नीति का हिस्सा मानता है। ट्रम्प प्रशासन का उद्देश्य वेनेजुएला के तेल उद्योग पर दबाव बढ़ाकर वहां अमेरिकी कंपनियों के लिए रास्ता बनाना है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई चेन में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है।

‘शैडो फ्लीट’ क्या है और अमेरिका इन्हें क्यों निशाना बना रहा है?

‘शैडो फ्लीट’ उन जहाजों को कहा जाता है जो अपनी असली पहचान, मालिकाना हक या लोकेशन छिपाकर तेल का परिवहन करते हैं। ये जहाज अक्सर अपना ट्रांस्पॉन्डर बंद कर देते हैं या झंडा बदल लेते हैं। अमेरिका(US-Russia Clash) इन्हें इसलिए निशाना बना रहा है क्योंकि ये जहाज वेनेजुएला और ईरान जैसे प्रतिबंधित देशों से तेल निकालकर अमेरिकी आर्थिक पाबंदियों को बेअसर कर रहे हैं।

‘मैरिनेरा’ जहाज को पकड़ने के पीछे अमेरिका ने क्या तर्क दिया है?

अमेरिका का दावा है कि ‘मैरिनेरा’ (पुराना नाम बेला-1) पहले से ही प्रतिबंधित जहाजों की सूची में था। उसने पहचान छिपाने के लिए अपना नाम और झंडा बदला था और वह वेनेजुएला से तेल ले जाकर अमेरिकी फेडरल कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहा था।

अन्य पढ़े:

#Breaking News in Hindi #GlobalOilTrade #Google News in Hindi #Hindi News Paper #MaritimeLaw #OilTankerSeizure #ShadowFleet #TrumpForeignPolicy #USRussiaTension