IRAN- ईरान से जंग में अमेरिका के हथियारों पर 5.6 अरब डॉलर खर्च

By Anuj Kumar | Updated: March 12, 2026 • 11:23 AM

वॉशिंगटन। ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के पहले दो दिनों में केवल हथियारों पर ही करीब 5.6 अरब डॉलर खर्च हो गए हैं। यह आंकड़ा इस संघर्ष की भारी आर्थिक लागत को दर्शाता है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump संकेत दे रहे हैं कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह अनुमान कांग्रेस के साथ साझा की गई जानकारी पर आधारित है और इसमें अभियान के शुरुआती चरण में इस्तेमाल किए गए उन्नत हथियारों की कीमत शामिल है। इससे वॉशिंगटन में इस बात पर बहस तेज हो गई है कि अमेरिका इतनी उच्च तीव्रता वाले सैन्य अभियान को कितने समय तक जारी रख सकता है।

शुरुआती हमलों में अरबों डॉलर के हथियार खर्च

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआती हमले में (United States Department of Defense) ने करीब 5.6 अरब डॉलर केवल हथियारों पर खर्च किए। इससे कई सांसदों में चिंता बढ़ गई है कि अमेरिकी सेना तेजी से अपने उन्नत हथियारों के सीमित भंडार को खत्म कर रही है। यह आंकड़ा केवल युद्ध के पहले दो दिनों का है। इसमें सैनिकों की तैनाती, विमान और नौसैनिक संसाधनों के रखरखाव या क्षेत्र में सैनिकों को बनाए रखने जैसे व्यापक संचालन खर्च शामिल नहीं हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह अनुमान कांग्रेस के साथ ऐसे समय साझा किया गया है जब प्रशासन सैन्य अभियान जारी रखने के लिए अतिरिक्त फंडिंग मांगने की तैयारी कर रहा है।

तेज हमलों से हथियार भंडार पर दबाव

रिपोर्ट के मुताबिक अभियान शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने Iran में हजारों हमले किए हैं। हमलों की तेज रफ्तार को लेकर कैपिटल हिल में पहले ही चिंता जताई जा रही है कि अमेरिकी सेना अपने उच्च-स्तरीय हथियारों के भंडार को तेजी से खत्म कर रही है। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर संघर्ष लंबा चला तो हथियारों का भंडार और दबाव में आ सकता है, क्योंकि अमेरिका पहले से ही Ukraine को हथियार देने और एशिया में सैन्य प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने के कारण अपने संसाधनों का उपयोग कर रहा है।

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दूसरे क्षेत्रों से संसाधन हटाने की तैयारी

कुछ अमेरिकी रक्षा योजनाकारों ने मध्य-पूर्व अभियान को बनाए रखने के लिए अन्य क्षेत्रों से संसाधन स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक (THAAD missile defense system) के कुछ हिस्सों को South Korea से इस क्षेत्र में भेजा गया है। पेंटागन ने ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव मजबूत करने के लिए उन्नत (Patriot missile system) इंटरसेप्टर मिसाइलों के भंडार का भी इस्तेमाल किया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कदम रणनीतिक जोखिम पैदा कर सकते हैं। अमेरिकी हथियार भंडार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ ने चेतावनी दी कि वायु रक्षा प्रणालियों को दूसरी जगह भेजने से अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी तैयारी कमजोर हो सकती है।

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