रक्षा और तकनीक पर केंद्रित होगी चर्चा
वाशिंगटन: विदेश सचिव विक्रम मिसरी(Vikram Misri) 8 अप्रैल 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर वॉशिंगटन डीसी पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनका स्वागत किया। इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के “पूरे विस्तार” (Full Breadth) की समीक्षा करना है। इसमें व्यापार, रक्षा सहयोग और उभरती हुई तकनीकों (iCET) जैसे महत्वपूर्ण स्तंभों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
प्रमुख रणनीतिक और वैश्विक मुद्दे
MEA (विदेश मंत्रालय) के अनुसार, मिसरी अमेरिकी प्रशासन(Vikram Misri) के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में न केवल द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर बात होगी, बल्कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। यह दौरा फरवरी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिका यात्रा के बाद हो रहा है, जो यह दर्शाता है कि दोनों देश लगातार उच्च स्तरीय संवाद बनाए हुए हैं।
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रक्षा और विज्ञान-तकनीक में नया तालमेल
भारत और अमेरिका के बीच हाल के वर्षों में रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है। विदेश सचिव की इस यात्रा के दौरान सैन्य हार्डवेयर के सह-उत्पादन और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे विषयों पर ठोस प्रगति की उम्मीद है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) में चीन पर निर्भरता कम करने और सुरक्षित तकनीकी तंत्र विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी की इस यात्रा का मुख्य एजेंडा क्या है?
इस यात्रा का मुख्य एजेंडा भारत-अमेरिका के बीच रक्षा, व्यापार, विज्ञान और तकनीक (जैसे iCET) के क्षेत्र में चल रहे सहयोग की समीक्षा करना है। इसके साथ ही दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े रणनीतिक मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे।
फरवरी 2026 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिका यात्रा का इस दौरे से क्या संबंध है?
विदेश मंत्री की यात्रा ने जिन रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों की नींव रखी थी, विदेश सचिव विक्रम मिसरी का दौरा उन पर प्रशासनिक स्तर पर अमल करने और नए समझौतों को आगे बढ़ाने के लिए है। यह भारत-अमेरिका के बीच निरंतर चलने वाले कूटनीतिक संवाद का हिस्सा है।
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