LoC पर नहीं हुई मिठाइयों की अदला-बदली, PM मोदी ने बांग्लादेश को दी ईद की शुभकामनाएं
हर साल भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर ईद और दिवाली जैसे त्योहारों पर मिठाइयों का आदान-प्रदान होता रहा है। यह परंपरा शांति और सौहार्द्र का प्रतीक मानी जाती है। हालांकि, इस बार ईद-उल-फितर के अवसर पर दोनों देशों के बीच यह रस्म नहीं निभाई गई।

LoC पर क्यों नहीं हुआ मिठाइयों का आदान-प्रदान?
बीते कुछ वर्षों से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में तनातनी बनी हुई है। पुलवामा हमले, बालाकोट एयर स्ट्राइक और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग में कमी आई है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार भी भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने पारंपरिक मिठाइयों के आदान-प्रदान से परहेज किया। हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि मौजूदा तनावपूर्ण हालात की वजह से यह फैसला लिया गया।
PM मोदी ने बांग्लादेश को दी ईद की शुभकामनाएं
जहां एक ओर भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में खटास बनी हुई है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत हैं और यह संबंध भविष्य में और भी बेहतर होंगे।
पीएम मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
भारत-पाकिस्तान रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा?
- सैन्य तनाव: भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव और सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन के कारण इस तरह की पारंपरिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं।
- राजनीतिक समीकरण: दोनों देशों के नेताओं के बयानों से संकेत मिलता है कि फिलहाल रिश्तों में कोई बड़ी प्रगति की उम्मीद नहीं है।
- जनभावना: आम नागरिकों को भी अब इस तरह के पारंपरिक मेलजोल की कमी महसूस हो रही है।
LoC पर मिठाइयों का आदान-प्रदान न होना दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बांग्लादेश को शुभकामना संदेश यह संकेत देता है कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ मित्रता बनाए रखना चाहता है। अब यह देखना होगा कि भविष्य में भारत-पाकिस्तान संबंधों में कोई सकारात्मक बदलाव आता है या नहीं।