बेलगावी,। कर्नाटक के कित्तूर रानी चेन्नम्मा चिड़ियाघर में चार दिनों के भीतर हुईं 31 काले हिरणों (Blackbuck) की मौत से वन विभाग और प्रशासन सकते में है। प्रारंभिक जांच में इन मौतों का कारण गंभीर जीवाणु संक्रमण बताया गया है। इस घटना के बाद चिड़ियाघर में काले हिरणों की संख्या घटकर केवल 7 रह गई है। वन मंत्री ने काले हिरणों की मौत की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
चार दिनों में 31 काले हिरणों की मौत से हड़कंप
जानकारी अनुसार पिछले चार दिनों में 31 हिरणों की मौत हुई है। चिड़ियाघर (Zoo) सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को 8 हिरण, शनिवार को 20 हिरण और पिछले दो दिनों में 3 और हिरणों की मौत हुई है। लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।
वन मंत्री बेलगावी पहुंचे, अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
कर्नाटक (Karnatka) के वन मंत्री ईश्वर खंडरे बेलगावी पहुंचे और चिड़ियाघर अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया काले हिरणों की मौत जीवाणु संक्रमण से हुई है। विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की टीम इलाज में जुटी है और बीमारी के स्रोत की जांच जारी है। सभी चिड़ियाघरों को अलर्ट किया गया है। बेंगलुरु स्थित बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क से विशेषज्ञ टीम बेलगावी भेजी गई है। बचे हुए 7 हिरणों को बचाने के लिए विशेष निगरानी और दवाइयाँ दी जा रही हैं। मंत्री खंडरे ने इस संक्रमण की तुलना कोविड-19 जैसे अचानक फैलने वाले प्रकोप से की।
उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन के निर्देश
वन मंत्री ने इस घटना की जड़ तक पहुंचने के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि संक्रमण की शुरुआत, फैलाव और भविष्य में रोकथाम पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा सके।
उधर चिड़ियाघर प्रबंधन ने दावा किया है कि शेष हिरणों की सुरक्षा के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
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