Latest Hindi News : Delhi-2023–25 के बीच 438 आत्महत्याएं, सात फ्रैट्रिसाइड की घटनाएं

By Anuj Kumar | Updated: December 18, 2025 • 11:49 AM

नई दिल्ली। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में मानसिक दबाव और सेवा से जुड़ी चुनौतियों की गंभीर तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। सरकार ने संसद को बताया है कि बीते तीन वर्षों में आत्महत्या और आपसी हिंसा के कई मामले दर्ज किए गए हैं।

2023 से 2025 के बीच 438 आत्महत्याएं

लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Minister of State for Home Nityanand Rai) ने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, असम राइफल्स और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड में कुल 438 आत्महत्याओं और सात फ्रैट्रिसाइड (आपसी हिंसा) की घटनाएं सामने आई हैं।

आत्महत्या के मामलों में आई कुछ कमी

आंकड़ों के अनुसार, 2023 में आत्महत्या के 157 मामले दर्ज किए गए थे, जो 2025 में घटकर 133 रह गए। फ्रैट्रिसाइड के मामलों में 2023 में दो, 2024 में एक और 2025 में चार घटनाएं दर्ज की गईं।

किस बल में कितनी आत्महत्याएं

बलवार आंकड़ों में सबसे अधिक आत्महत्याएं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में दर्ज की गईं, जहां तीन वर्षों में 159 जवानों ने आत्महत्या की। इसके बाद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में 120 और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में 60 मामलों की पुष्टि हुई।

2014 से अब तक 23 हजार से ज्यादा इस्तीफे

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से 2025 के बीच CAPFs और असम राइफल्स के 23,360 जवानों ने सेवा से इस्तीफा दिया है। इनमें सबसे ज्यादा 7,493 इस्तीफे बीएसएफ से आए, जबकि सीआरपीएफ से 7,456 और सीआईएसएफ से 4,137 जवानों ने नौकरी छोड़ी।

2025 में 3,077 जवानों ने छोड़ी सेवा

साल 2025 में अब तक कुल 3,077 इस्तीफे दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 1,157 इस्तीफे बीएसएफ से हुए हैं।

ड्यूटी समय और छुट्टियों पर सरकार का पक्ष

सेवा शर्तों पर सरकार का पक्ष रखते हुए मंत्री ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में जवान आठ घंटे की शिफ्ट में काम करते हैं, हालांकि ऑपरेशनल जरूरतों के अनुसार ड्यूटी समय में बदलाव होता रहता है। फील्ड में तैनात जवानों को साल में 75 दिन की छुट्टी का प्रावधान है, जिसमें 60 दिन की अर्जित छुट्टी और 15 दिन की कैजुअल लीव शामिल है।

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मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर

सरकार ने बताया कि जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए CAPF और यूनिट अस्पतालों में मनोरोग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा तनाव प्रबंधन, जागरूकता कार्यक्रम, योग और ध्यान सत्रों के माध्यम से मानसिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

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