Gas Leak असम में नहीं थम रहा रिसाव, ONGC बंद करेगा कुआं
असम के तिनसुकिया ज़िले में स्थित ओएनजीसी (ONGC) के एक Gas Leak कुएं से लगातार हो रहा गैस का रिसाव अब चिंता का बड़ा विषय बन गया है। बीते कुछ दिनों से रिसाव को रोकने की तमाम कोशिशें की जा चुकी हैं, लेकिन सभी तकनीकी उपाय विफल रहे हैं। अब ओएनजीसी ने कुएं को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है।
रिसाव की शुरुआत कैसे हुई?
- यह गैस रिसाव एक सप्ताह पहले तब शुरू हुआ जब कुएं में दबाव नियंत्रण प्रणाली फेल हो गई।
- प्रारंभिक प्रयासों में गैस को नियंत्रित करने के लिए Blowout Preventer (BOP) लगाया गया, लेकिन वह भी सफल नहीं हुआ।
- अब गैस का बहाव आस-पास के वातावरण को प्रभावित कर रहा है।
क्या-क्या कोशिशें की गईं?
- ONGC की क्राइसेस टीम ने देश और विदेश से तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाया।
- कुएं में मड सर्कुलेशन और प्रेसर बैलेंसिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया।
- लेकिन गैस रिसाव अब भी जारी है और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ा?
- पास के गांवों के लोग स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, जैसे–
- सांस लेने में तकलीफ
- सिरदर्द और चक्कर
- आंखों में जलन
- प्रशासन ने अब तक 200 से अधिक परिवारों को अस्थायी शिविरों में शिफ्ट किया है।
- इलाके में रेड अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है।
ONGC का अंतिम फैसला: कुएं को किया जाएगा बंद
- अब ONGC ने कुएं को स्थायी रूप से सील करने (Well Abandonment) का निर्णय लिया है।
- इसके लिए एक विशेष टीम कुएं की कंक्रीट से सीलिंग करेगी ताकि गैस का प्रवाह हमेशा के लिए बंद हो जाए।
- इस प्रक्रिया में 5 से 7 दिन का समय लग सकता है।
क्या कहते हैं पर्यावरण विशेषज्ञ?
- विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना असम जैसे संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्र के लिए गंभीर चेतावनी है।
- लगातार हो रही ऐसी घटनाएं भविष्य में बड़ी पर्यावरणीय आपदा का कारण बन सकती हैं।
- उन्होंने ONGC से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग की है।
Gas Leak की यह घटना सिर्फ एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक पर्यावरण और स्वास्थ्य संकट बन चुकी है। ONGC का कुएं को बंद करने का फैसला इस स्थिति को नियंत्रित करने की आखिरी कोशिश है। लेकिन यह सवाल जरूर उठता है—क्या भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं?