Madhya Pradesh : ओंकारेश्वर में नाव हादसा, 10 श्रद्धालु सुरक्षित

Read Time:  1 min
ओंकारेश्वर
ओंकारेश्वर
FONT SIZE
GET APP

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में बड़ा हादसा हो गया, जब नौका विहार के दौरान नाव चट्टान से टकराकर पलट गई. इसमें 10 श्रद्धालु डूब गए, लेकिन समय रहते सभी को बचा लिया गया.

मध्य प्रदेश के खंडवा के ओंकारेश्वर से एक बड़ा हादसा हो गया है. यहां (Narmada River) नर्मदा नदी में नाव पलट गई. इस हादसे में 10 श्रद्धालु डूबने लगे. हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इस क्षेत्र में डूबने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए.

ये सभी श्रद्धालु रांची से तीर्थयात्रा पर ओंकारेश्वर (Omkareshwar) आए थे. कुल 52 लोगों का जत्था अलग-अलग समूहों में दर्शन और पूजन कर रहा था. इसी दौरान 10 श्रद्धालुओं का एक समूह नर्मदा नदी में नौका विहार के लिए निकला. यात्रा के दौरान अचानक उनकी नाव नदी के बीचों-बीच पानी में उभरी एक चट्टान से टकरा गई. टक्कर इतनी तेज थी कि नाव का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें तेजी से पानी भरने लगा, जिससे नाव असंतुलित होकर पलट गई.

नाव पलटते ही मची चीख-पुकार

नाव पलटते ही श्रद्धालु नदी में गिर गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई. तट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी फैल गई. हालात को देखते हुए वहां मौजूद नाविकों और तैराकों ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी. इसके साथ ही होम गार्ड के जवानों ने भी तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. सामूहिक प्रयासों के चलते सभी 10 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

अन्य पढ़े: National- हॉर्मुज संकट में राहत : कतर से गैस सप्लाई शुरू, पुरी का मिशन सफल

फेफड़ों में पानी गया

हालांकि, हादसे में दो श्रद्धालुओं की हालत गंभीर हो गई थी. पानी में डूबने के कारण उनके फेफड़ों में पानी चला गया था, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल सनावद के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार अब उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं.

शुरुआती जांच में सामने आया है कि गर्मी के मौसम में नर्मदा नदी का जलस्तर काफी कम हो जाता है. पानी नहीं छोड़े जाने के कारण नदी के भीतर की चट्टानों से खतरा बना रहता है, जो हादसों का कारण बनती हैं. कई बार श्रद्धालु और पर्यटक इन छिपे खतरों से अनजान रहते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो जाती हैं.

अन्य पढ़े:

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।