National- भारत ने पीस ऑफ बोर्ड बैठक से बनाई दूरी, डोनाल्ड ट्रंप को निराशा

By Anuj Kumar | Updated: February 11, 2026 • 11:58 AM

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद भले ही आर्थिक रिश्तों में नरमी आई हो, लेकिन कूटनीतिक मोर्चे पर भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) को बड़ा संकेत दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक भारत ने 19 फरवरी को होने वाली गाजा पीस बोर्ड की पहली बैठक में शामिल न होने का फैसला किया है।

ट्रेड डील के बाद भी गाजा प्लान पर दूरी

हाल ही में भारत और अमेरिका (America) के बीच ट्रेड डील हुई है, जिसके बाद अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत रह गया है। खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी घोषणा की थी। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की चर्चा तेज हुई, लेकिन गाजा पीस प्लान को लेकर भारत ने फिलहाल दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया है।

19 फरवरी को होगी बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक

गाजा पीस बोर्ड की पहली बैठक 19 फरवरी को प्रस्तावित है। यह ट्रंप की पहल पर गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का पहला आधिकारिक जुटान होगा, जिसमें कई देशों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

जल्दबाजी में फैसला नहीं चाहता भारत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार अब भी ट्रंप के प्रस्ताव का अध्ययन कर रही है। भारत इस बोर्ड में शामिल होने को लेकर जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहता और चाहता है कि पहले कुछ प्रमुख देश इसमें भाग लें, उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए।

अरब लीग देशों से हुई चर्चा

हाल ही में भारत की अरब लीग के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस को लेकर भी बातचीत हुई। हालांकि, बोर्ड के सदस्य होने के बावजूद कई अरब देशों ने अब तक बैठक में शामिल होने पर अंतिम फैसला नहीं लिया है।

इजरायल दौरे में बन सकता है बड़ा मुद्दा

सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे की संभावना है। ऐसे में इजरायल-फिलिस्तीन विवाद और गाजा पीस बोर्ड का मुद्दा वहां भी चर्चा के केंद्र में रह सकता है।

टू-नेशन सॉल्यूशन पर कायम भारत

गौरतलब है कि इजरायल (Israel) और फिलिस्तीन के बीच चल रहे लंबे विवाद पर भारत की नीति हमेशा से टू-नेशन सॉल्यूशन के समर्थन की रही है। यही वजह है कि भारत इस बोर्ड में शामिल होने से पहले हर पहलू पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

Read Also : सरकारी कार्यक्रमों में नया प्रोटोकॉल, राष्ट्रगान के बाद 6 छंदों वाला वंदे मातरम् अनिवार्य

पाकिस्तान और तुर्की की मौजूदगी बनी हिचक

सूत्रों का कहना है कि भारत के लिए इस बोर्ड में शामिल होने को लेकर एक बड़ी हिचक यह भी है कि अमेरिका के इस बोर्ड में पाकिस्तान और तुर्की पहले से ही शामिल हो चुके हैं।

Read More :

#America news #Americi Tarrif news #Board of Peace News #Breaking News in Hindi #Hindi News #Israel news #Latest news #Narendra Modi news #President Donald Trump News