Brahmaputra: ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली ‘रोड-कम-रेल’ टनल

By Dhanarekha | Updated: February 14, 2026 • 7:52 PM

इंजीनियरिंग का अजूबा: एक ही सुरंग में दौड़ेंगी ट्रेन और गाड़ियां

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट(Cabinet) ने असम में ब्रह्मपुत्र(Brahmaputra) नदी के नीचे देश की पहली रोड-कम-रेल टनल को मंजूरी दे दी है। ₹18,662 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना भारत की पहली और दुनिया की दूसरी ऐसी अंडरवॉटर टनल होगी जहाँ सड़क और रेल लाइन एक साथ मौजूद होंगी। 15.79 किमी लंबी यह सुरंग गोहपुर और नुमालीगढ़ को जोड़ेगी। वर्तमान में इन दोनों स्थानों के बीच 240 किमी की दूरी तय करने में 6 घंटे लगते हैं, जो इस टनल के बनने के बाद बेहद कम हो जाएंगे

पूर्वोत्तर का कायाकल्प: कनेक्टिविटी और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

यह प्रोजेक्ट सामरिक और आर्थिक दृष्टि से गेम-चेंजर साबित होगा। इससे असम, अरुणाचल(Brahmaputra) प्रदेश और नागालैंड(Nagaland) जैसे राज्यों के बीच संपर्क सुधरेगा। यह टनल 11 आर्थिक और 8 लॉजिस्टिक नोड्स को जोड़ेगी, जिससे व्यापार में सुगमता आएगी। सरकार का अनुमान है कि इस महा-परियोजना से लगभग 80 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। यह मॉडल ब्रिटेन और फ्रांस को जोड़ने वाली ‘चैनल टनल’ की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जो वैश्विक स्तर पर आधुनिक तकनीक का प्रतीक है।

अन्य पढ़े: मुस्लिम ने मंदिर के लिए दी जमीन, हिंदू परिवार ने बनवाई मस्जिद

मेट्रो विस्तार और शहरी विकास: नोएडा से लेकर PMO तक बड़े बदलाव

कैबिनेट ने कनेक्टिविटी के साथ-साथ शहरी विकास के लिए भी कई बड़े फैसले लिए हैं। नोएडा मेट्रो के 11.56 किमी विस्तार (सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन) को मंजूरी मिली है, जिससे दिल्ली-नोएडा का सफर आसान होगा। इसके अलावा, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर(Brahmaputra) के लिए ₹1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड और छोटे शहरों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना को भी हरी झंडी दी गई है। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को अब साउथ ब्लॉक से नए भवन ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट किया जाएगा, जबकि पुराने ब्लॉक को ‘युग-युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में तब्दील किया जाएगा।

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनने वाली टनल की कुल लंबाई और लागत कितनी है?

इस टनल की कुल लंबाई 15.79 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण पर अनुमानित लागत ₹18,662 करोड़ आएगी। यह गोहपुर (NH-15) से नुमालीगढ़ (NH-715) को जोड़ेगी।

‘अर्बन चैलेंज फंड’ (UCF) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस ₹1 लाख करोड़ के फंड का उद्देश्य बड़े शहरों (10 लाख से अधिक आबादी), राजधानियों और औद्योगिक केंद्रों में बुनियादी ढांचे (शहरी अवसंरचना) को आधुनिक बनाना और विकास कार्यों को बढ़ावा देना है।

अन्य पढ़े:

#Breaking News in Hindi #CabinetDecisions #Google News in Hindi #Hindi News Paper #ModiGovernment #NoidaMetroUpdate