कौन सी है वो ‘एक ड्रिंक’?
वो ड्रिंक है — एल्कोहोल (Alcohol)।
चाहे रेड वाइन हो, व्हिस्की, बियर या कोई और एल्कोहलिक ड्रिंक — नियमित रूप से या कभी-कभी सेवन करने से भी शरीर में कैंसर की संभावना बढ़ सकती है।
रिसर्च क्या कहती है?
WHO और IARC की चेतावनी
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) और इसकी शाखा IARC (International Agency for Research on Cancer) के अनुसार एल्कोहोल को Group 1 carcinogen के रूप में वर्गीकृत किया गया है — यानी इसका कैंसर से सीधा संबंध है।
कितनी मात्रा है खतरनाक?
एक अध्ययन में पाया गया कि सिर्फ एक ड्रिंक प्रति दिन से ही निम्न प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है:
- मुंह और गले का कैंसर
- फेफड़ों का कैंसर
- ब्रेस्ट कैंसर (विशेष रूप से महिलाओं में)
- लिवर कैंसर
- कोलन (आंतों) का कैंसर
⚙️ शरीर में कैसे काम करता है एल्कोहोल?
1. Acetaldehyde का निर्माण
एल्कोहोल जब शरीर में टूटता है, तो यह एक विषैला पदार्थ बनाता है — Acetaldehyde। यह डीएनए को नुकसान पहुँचाता है और कोशिकाओं में बदलाव लाता है जो कैंसर की शुरुआत कर सकता है।
2. हॉर्मोनल असंतुलन
एल्कोहोल हार्मोन लेवल्स को बदल सकता है, खासतौर पर एस्ट्रोजन, जो ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकता है।
3. पोषक तत्वों की कमी
एल्कोहोल शरीर में जरूरी विटामिन्स (जैसे फोलेट) की कमी कर देता है, जिससे कोशिकाएँ कैंसरग्रस्त हो सकती हैं।
बचाव कैसे करें?
एल्कोहोल से दूरी बनाएँ
अगर आप शराब पीते हैं, तो उसे पूरी तरह त्यागना या सीमित करना सबसे अच्छा उपाय है।
हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल अपनाएँ
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार लें
- नियमित व्यायाम करें
- ताजे फल-सब्ज़ियाँ खाएँ
- स्मोकिंग और तम्बाकू से दूर रहें
जानिए: “Social Drinking” भी कितना हानिकारक?
कई लोग सोचते हैं कि “कभी-कभी पार्टी में एक ड्रिंक लेना नुकसान नहीं करता” — लेकिन रिसर्च बताती है कि कोई भी मात्रा सुरक्षित नहीं मानी जाती।