नई दिल्ली,। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Sah) ने आतंकवाद और नक्सलवाद को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने हर चुनौती का डटकर किया सामना
केंद्रीय गृह मंत्री ने संसद पर हुए आतंकी हमले (Terrorist Attack) से लेकर हाल में लाल किले के पास हुई आतंकी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हर चुनौती के सामने दिल्ली पुलिस ने अत्यंत कौशल, सतर्कता और तत्परता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि सभी मामलों में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है और कानून व्यवस्था पर सरकार की नजर पूरी तरह मजबूत है।
दिल्ली की सुरक्षा को मिलेगी तकनीकी मजबूती
केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस की सराहना करते हुए बताया कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई नई पहल शुरू की गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली पुलिस की 10 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है।इसके तहत दिल्ली को 10 हजार नए सीसीटीवी कैमरों (CCTV Camera) से जोड़ने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। पहले चरण में 2100 कैमरे लाइव किए जा चुके हैं, जबकि पहले से लगे 15 हजार से अधिक कैमरों को भी एकीकृत नेटवर्क से जोड़ा गया है।
‘सेफ सिटी’ योजना से अपराध नियंत्रण को मिलेगा बल
अमित शाह ने भरोसा जताया कि ‘सेफ सिटी’ योजना आने वाले समय में दिल्ली की सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से न सिर्फ अपराधों पर लगाम लगेगी, बल्कि त्वरित कार्रवाई भी संभव हो सकेगी।
नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य अब करीब
नक्सलवाद के मुद्दे पर बड़ा दावा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश से माओवादी हिंसा का अंत अब बहुत करीब है। मोदी सरकार की सख्त नीति, सुरक्षा बलों की रणनीतिक कार्रवाई और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों के कारण हिंसा में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 तक भारत को माओवादी हिंसा से पूरी तरह मुक्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
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आतंकवाद और नक्सलवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’
अंत में केंद्रीय गृह मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की नीति पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए खुफिया तंत्र, आधुनिक तकनीक और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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