कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। एक ओर सत्ताधारी टीएमसी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने की मांग उठाई है, तो दूसरी ओर चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Choudhary) पर हमले की घटना ने सियासी तनाव को और बढ़ा दिया है।
भवानीपुर सीट पर निष्पक्षता को लेकर विवाद
टीएमसी (TMC) ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि भवानीपुर के आरओ के सुवेंदु अधिकारी से करीबी संबंध हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। पार्टी का कहना है कि संबंधित अधिकारी पहले नंदीग्राम-2 में तैनात थे और वहां भाजपा नेता के साथ उनकी नजदीकियां देखी गई थीं। इस सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सुवेंदु अधिकारी के चुनाव लड़ने से मुकाबला और संवेदनशील हो गया है।
प्रचार के दौरान भिड़े कांग्रेस और टीएमसी समर्थक
इसी बीच मुर्शिदाबाद जिले (Murshidabad District) के बहरामपुर में चुनाव प्रचार के दौरान हिंसक झड़प की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी अपने समर्थकों के साथ वार्ड नंबर 19 में प्रचार कर रहे थे, तभी टीएमसी पार्षद भीष्मदेव करमाकर अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई बहस जल्द ही हाथापाई में बदल गई।
पुलिस मौजूद, फिर भी नहीं टली झड़प
घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन इसके बावजूद झड़प को पूरी तरह रोकने में समय लग गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
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बढ़ते टकराव से चुनाव आयोग की चुनौती बढ़ी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे आरोप-प्रत्यारोप और टकराव की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में चुनाव आयोग के सामने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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