పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం

Assam : सीएम का दावा, चीन चाहकर भी नहीं रोक सकता ब्रह्मपुत्र का पानी

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: June 3, 2025 • 12:43 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

गुवाहाटी। सिंधु जल समझौते पर भारत के रुख के बाद पाकिस्तान द्वारा चीन का हवाला देते हुए भारत को धमकी दी गई कि यदि चीन ब्रह्मपुत्र नदी का पानी रोक दे, तो भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में सूखे की स्थिति बन सकती है। अब इस बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तथ्यों के साथ पलटवार करते हुए कहा है कि पाकिस्तान की यह धमकी मूल तथ्यों से परे और गुमराह करने वाली है।

खास बातें

ये नदियाँ वर्षा जल को ब्रह्मपुत्र में शामिल कर इसके प्रवाह को मानसून के दौरान 15,000 से 20,000 घन मीटर/सेकेंड तक पहुंचा देती हैं, जबकि भारत-चीन सीमा पर प्रवेश के समय यह महज 2,000-3,000 घन मीटर/सेकेंड होता है। पाकिस्तान पर सीधा हमला सीएम सरमा ने कहा कि सिंधु नदी पर भारत के अधिकारों को लेकर पाकिस्तान अब डर और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी को रोक देगा

ब्रह्मपुत्र नदी का महज 30-35 प्रतिशत पानी ही चीन से आता है : हिमंत बिस्वा

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी का महज 30-35 प्रतिशत पानी ही चीन से आता है, और शेष 65-70प्रतिशत जल प्रवाह भारत के भीतर ही उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा, कि ब्रह्मपुत्र को मुख्यतः अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम और नागालैंड की मूसलाधार वर्षा और सहायक नदियों से जल मिलता है। चीन का प्रभाव सीमित है। सीएम सरमा के अनुसार, ब्रह्मपुत्र का जल प्रवाह भारत की जिन प्रमुख सहायक नदियों से आता है, उनमें सुबनसिरी, लोहित, कामेंग, मानस, धनसिरी, जिया भाराली, कोपिली, दिगारू और कुलसी हैं।

यह कहना एक डर फैलाने वाली रणनीति है, जबकि वास्तविकता यह है कि नदी का अधिकांश प्रवाह भारत में ही उत्पन्न होता है। इस प्रकार असम के मुख्यमंत्री सरमा ने यह साफ कर दिया है कि भौगोलिक और जलविज्ञान संबंधी तथ्यों के आधार पर चीन के पास ब्रह्मपुत्र को प्रभावी ढंग से रोकने की शक्ति नहीं है, और पाकिस्तान का यह दावा गैर-वैज्ञानिक और भ्रामक है।

Read more : International : बुद्ध के पवित्र अवशेष लौटे भारत, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

# Paper Hindi News #Ap News in Hindi #Breaking News in Hindi #Google News in Hindi #National bakthi breakingnews delhi latestnews trendingnews

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.