पटना। बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुए उनके लिए घर पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब बुजुर्गों को छोटी-बड़ी जांच या इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने इस पहल की घोषणा ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के तहत की, जिसका उद्देश्य है ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’।
घर पर स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधा
नई व्यवस्था के तहत बुजुर्गों को घर पर ही पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) मापने, ईसीजी (ECG) और अन्य जरूरी चिकित्सकीय सेवाएं मिलेंगी। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर और नर्स घर पहुंचकर इलाज करेंगे। सरकार का मानना है कि इससे उम्रदराज लोगों को समय पर इलाज मिलेगा और उनकी परेशानियां कम होंगी।
फिजियोथेरेपी और आपातकालीन सहायता भी घर पर
बुजुर्गों को घर पर फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। आपातकालीन स्थिति में वरिष्ठ नागरिकों को घर पर हर तरह की चिकित्सकीय सहायता मिल सकेगी, जिससे अस्पताल या क्लीनिक जाने की जरूरत नहीं होगी।
सीएम नीतीश का संदेश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 2005 से उनकी सरकार लगातार सभी वर्गों के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयास में लगी है। उनका लक्ष्य है कि हर नागरिक सम्मान, सुरक्षा और सुविधाजनक जीवन जी सके। बुजुर्गों के लिए यह पहल उसी सोच का हिस्सा है।
जनता की राय के लिए QR कोड
सात निश्चय के तहत सरकार ने QR कोड जारी किया है, जिसे स्कैन कर लोग अपने सुझाव और विचार सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं।
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सरकार का दावा और सामाजिक प्रभाव
सरकार का दावा है कि इस पहल से बिहार के लाखों बुजुर्गों को सीधे लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाएं अब उनके दरवाजे तक पहुंचेंगी, जो सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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