नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका से यूएस वीजा (US Visa) अपॉइंटमेंट मिलने में हो रही भारी देरी को लेकर आधिकारिक तौर पर चिंता जताई है। सरकार का कहना है कि लंबे वेटिंग पीरियड (Waiting Period) के कारण भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी यात्रा योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
लंबे वेटिंग पीरियड से बढ़ी दिक्कतें
सरकार के अनुसार, वीजा अपॉइंटमेंट में हो रही देरी के चलते आवेदकों को व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग महीनों से अपॉइंटमेंट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनकी निजी और पेशेवर योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
एच-1बी वीजा आवेदकों की शिकायतें
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randheer `Jaiswal) ने बताया कि भारत सरकार को एच-1बी वीजा से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिनमें भारतीय नागरिकों को अपने वीजा अपॉइंटमेंट रीशेड्यूल करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिकी पक्ष के समक्ष उठाया गया मुद्दा
प्रवक्ता ने कहा कि वीजा से जुड़े विषय किसी भी देश के संप्रभु अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत ने अपनी चिंताओं को अमेरिकी पक्ष के सामने औपचारिक रूप से उठाया है। नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी—दोनों जगह कई लोग लंबे समय से फंसे हुए हैं।
परिवार और बच्चों की पढ़ाई पर असर
उन्होंने कहा कि इस देरी के कारण परिवारों को ही नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। कई परिवार अनिश्चितता की स्थिति में फंसे हुए हैं।
वर्क वीजा तक फैली समस्या
वीजा अपॉइंटमेंट की समस्या अब वर्क वीजा तक फैल गई है। भारतीय एच-1बी आवेदकों को अमेरिकी दूतावासों में भारी बैकलॉग का सामना करना पड़ रहा है।
जनवरी के स्लॉट सितंबर 2026 तक रीशेड्यूल
बताया गया कि जनवरी के इंटरव्यू स्लॉट, जिनका कई आवेदक इंतजार कर रहे थे, अब सितंबर 2026 तक रीशेड्यूल किए जा रहे हैं। इससे जॉब से जुड़ी यात्रा को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।
पहली बार आवेदन करने वालों पर भी असर
इस बदलाव का असर पहली बार आवेदन करने वालों के साथ-साथ विदेश यात्रा के बाद वीजा रिन्यू कराने वालों पर भी पड़ा है। कड़ी जांच और बढ़ी हुई स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं के कारण दूतावासों में वीजा प्रक्रिया धीमी हो गई है।
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हजारों प्रोफेशनल्स की योजनाएं प्रभावित
वीजा बैकलॉग के चलते अमेरिका में काम करने की योजना बना रहे हजारों कुशल भारतीय प्रोफेशनल्स की जॉइनिंग डेट और करियर योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। भारतीय नागरिकों को लगातार अपॉइंटमेंट रद्द होने और देरी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
अमेरिकन वीजा की फीस कितनी है?
अमेरिकन वीज़ा फीस वीज़ा के प्रकार पर निर्भर करती है; टूरिस्ट (B-1/B-2) वीज़ा की फीस आमतौर पर $185 (लगभग ₹15,400 – ₹15,800) है, जबकि छात्र (F-1) और अस्थायी श्रमिक (H-1B, L-1) वीज़ा के लिए अतिरिक्त शुल्क (जैसे SEVIS) लग सकते हैं, और H-1B/L-1 वीज़ा फीस $205 या उससे अधिक हो सकती है, जिसमें हाल ही में कुछ बदलावों के कारण शुल्क बढ़ सकते हैं.
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