పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం పట్టాలు తప్పిన రైలు పట్టాలు తప్పిన చెన్నై ఎక్స్ ప్రెస్ రైలు నేటి నుంచి భారత్ ట్యాక్సీ సేవలు రికార్డు స్థాయికి చేరిన భారత్-చైనా ట్రేడ్ క్రీడా సంఘాల పాలనపై సుప్రీం కోర్టు కీలక వ్యాఖ్యలు ఉచిత పథకాలపై ఆర్థిక సర్వే హెచ్చరిక ముగిసిన అజిత్ పవార్ అంత్యక్రియలు ప్రపంచ దేశాలకు భారత్ షాక్ నేటి నుంచి పార్లమెంట్ బడ్జెట్ సమావేశాలు మహారాష్ట్ర డిప్యూటీ సీఎం అజిత్ పవార్ దుర్మరణం

Data Center: एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर

Author Icon By Dhanarekha
Updated: August 5, 2025 • 7:20 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

विशाखापट्टनम में बनेगा, 1 गीगावॉट क्षमता होगी

गूगल 50 हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट करेगा

नई दिल्ली। गूगल आंध्र प्रदेश(Andhra Pradesh) के विशाखापट्टनम में एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर बनाएगा। इसकी क्षमता 1 गीगावॉट होगी। फिलहाल देशभर में कुल 1.4 गीगावॉट क्षमता के डेटा सेंटर ऑपरेशनल हैं

रायटर्स के मुताबिक, गूगल इसके लिए 50 हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट करेगा। इसमें से 16 हजार करोड़ रुपए से रिन्युएबल एनर्जी से जुड़ी फेसिलिटी बनेगी। इसी से डेटा सेंटर को बिजली मिलेगी।

अप्रैल में गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट ने कहा था कि वह इस साल दुनियाभर में डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए 6.25 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी।

आंध्र प्रदेश में हाई-स्पीड डेटा और डेटा सेंटरों को बढ़ावा

आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने बताया कि विशाखापट्टनम(Vishakapatnam) में तीन केबल लैंडिंग स्टेशन भी बनेंगे। इससे हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर हो सकेगा।

राज्य में 1.6 गीगावॉट क्षमता के डेटा सेंटर निवेश को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अगले 5 साल में 6 गीगावॉट क्षमता के डेटा सेंटर तैयार करने का लक्ष्य है।

डेटा सेंटर नेटवर्क से जुड़े हुए कंप्यूटर सर्वर का एक बड़ा समूह है। बड़ी मात्रा में डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग के लिए कंपनियों द्वारा इसका उपयोग किया जाता है।

डेटा सेंटर: आधुनिक डिजिटल दुनिया की बुनियाद

सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, बैंकिंग, खुदरा, स्वास्थ्य सेवा, टूरिज्म और अन्य ट्रांजैक्शन में बहुत अधिक डेटा मिलता है, जिसके स्टोरेज के लिए डेटा सेंटर की जरूरत होती है।

इन सुविधाओं में डेटा स्टोरेज, सूचनाओं की प्रोसेसिंग और दूसरे स्थान पर उसे पहुंचाना और कंपनी के एप्लिकेशन से जुड़े काम काज शामिल हैं।

इसे किसी सर्वर की तरह मान सकते हैं जहां से किसी कंपनी का पूरा IT ऑपरेट होता है। डिजिटल युग में सोशल नेट वर्किंग कंपनियां अपने सारे यूजर का डेटा, सारी इन्फॉर्मेशन अपने बनाए डेटा सेंटर में ही रखते हैं। इन डेटा सेंटर पर हजारों की संख्या में ढेरों सर्वर होते हैं।

डेटा सेंटर क्या होता है और इसका क्या काम है?

डेटा सेंटर एक ऐसी सुविधा है जहाँ कंप्यूटर सिस्टम और संबंधित उपकरण (जैसे सर्वर, स्टोरेज सिस्टम और नेटवर्क उपकरण) को रखा जाता है। इसका मुख्य काम बड़ी मात्रा में डेटा को संग्रहीत करना, प्रबंधित करना और उसे सुरक्षित रखना है।

डेटा सेंटर के प्रमुख घटक क्या हैं?

एक डेटा सेंटर के प्रमुख घटकों में सर्वर, स्टोरेज सिस्टम, नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर (राउटर और स्विच), बिजली वितरण इकाइयां और कूलिंग सिस्टम शामिल होते हैं। ये सभी घटक मिलकर डेटा के कुशल संचालन को सुनिश्चित करते हैं।

भारत में सबसे बड़ा डेटा सेंटर कहाँ है?

भारत के सबसे बड़े डेटा सेंटरों में से एक, योट्टा डी1 (Yotta D1), ग्रेटर नोएडा में स्थित है। यह उत्तर भारत का पहला हाइपरस्केल डेटा सेंटर है।

अन्य पढें : ‘रिटायरमेंट के बाद भी अधिकारियों को नहीं छोड़ा जाएगा’: Rahul Gandhi

# Paper Hindi News #Google News in Hindi #Hindi News Paper Data Center news latestnews New Delhi news trendingnews

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.