Delhi blast case investigation : दिल्ली धमाका मामले में जांच एजेंसियों को नए और चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। जांच में सामने आया है कि विस्फोट की साजिश रचने वाले डॉक्टरों के एक समूह ने मिलकर “अंसार इंटरिम” नाम से एक आतंकी संगठन बनाया था। इस मामले की जांच फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है।
जांच के अनुसार मुख्य आरोपी मुजम्मिल गनी, उमर नबी, आदिल, मौलवी इरफान, कारी आमिर और तौफील गाज़ी ने अप्रैल 2022 में श्रीनगर में बैठक कर इस संगठन का गठन किया। आदिल को प्रमुख और मौलवी इरफान को डिप्टी नियुक्त किया गया, जबकि अन्य सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उमर समन्वयक की भूमिका में था और गनी वित्त व खरीद से जुड़े कार्य देख रहा था।
अन्य पढ़े: बांग्लादेश में BNP लहर, तारिक की डबल जीत!
आरोपियों ने विस्फोट के लिए आवश्यक सामग्री चरणबद्ध (Delhi blast case investigation) तरीके से जुटाई। 2023 में सोहना क्षेत्र से उर्वरक खरीदे गए और फरीदाबाद की एक केमिकल दुकान से पोटैशियम नाइट्रेट लिया गया। आईईडी बनाने का अनुभव न होने के बावजूद उमर ने ऑनलाइन वीडियो देखकर इसकी तकनीक सीखी।
जांच एजेंसियों के अनुसार उमर सबसे अधिक कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित था और उसने दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों या किसी प्रमुख धार्मिक स्थल पर कार बम विस्फोट की साजिश रची थी। श्रीनगर पुलिस द्वारा नेटवर्क का खुलासा होने के बाद वह दबाव में आ गया और अंततः विस्फोट की घटना को अंजाम देकर आत्महत्या कर ली, ऐसा संदेह जताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि उसने पहले भी आतंकी संगठनों में शामिल होने की कोशिश की थी।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :