नई दिल्ली। नए साल के आगमन और आगामी गणतंत्र दिवस (Republic Day) को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में साउथ-ईस्ट (South East) जिला पुलिस ने ऑपरेशन आघात 3.0 के तहत बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए अपराध और अपराधियों पर करारा प्रहार किया है।
ऑपरेशन आघात 3.0 के तहत बड़ी कार्रवाई
इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 285 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 504 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभियान का मकसद इलाके में सक्रिय आपराधिक तत्वों पर लगाम लगाना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है।
संपत्ति अपराधी और ऑटो-लिफ्टर दबोचे
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 10 संपत्ति अपराधियों और 5 ऑटो-लिफ्टरों को भी गिरफ्तार किया। ये सभी आरोपी लंबे समय से इलाके में आपराधिक गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे थे।
हथियारों की बड़ी बरामदगी
अभियान के दौरान आरोपियों के कब्जे से
- 21 देशी पिस्तौल
- 20 जिंदा कारतूस
- 27 धारदार चाकू
बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात में किया जा सकता था।
शराब और नशीले पदार्थों पर भी प्रहार
नशीले पदार्थों और अवैध शराब के खिलाफ भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कार्रवाई के दौरान
- 12,258 क्वार्टर अवैध शराब
- 6.01 किलोग्राम गांजा
बरामद किया गया, जिससे तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
जुआ अधिनियम के तहत नकदी जब्त
जुआ अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई में पुलिस ने 2,30,990 रुपये नकद भी जब्त किए हैं, जो अवैध गतिविधियों से अर्जित बताए जा रहे हैं।
वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त
तकनीकी सर्विलांस और जमीनी कार्रवाई के जरिए पुलिस ने
- 310 मोबाइल फोन
- 231 दोपहिया वाहन
- 1 चारपहिया वाहन
अपने कब्जे में लिए हैं।
1306 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई
साउथ-ईस्ट जिला पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान 1,306 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई, जिनमें 116 घोषित बदमाश (Bad Charactor) भी शामिल हैं।
भविष्य में भी जारी रहेंगे सख्त अभियान
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान चलाए जाएंगे। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल के जरिए आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को भी परखा जा रहा है।
दिल्ली पुलिस का इतिहास क्या है?
दिल्ली पुलिस का इतिहास मुगल काल के “कोतवाल” प्रणाली से शुरू होता है, जिसे अंग्रेजों ने 1861 में भारतीय पुलिस अधिनियम के बाद संगठित किया और 1946 में पुनर्गठित किया; स्वतंत्रता के बाद, 1948 में पहले IGP की नियुक्ति हुई और 1978 में कमिश्नर प्रणाली लागू हुई, जो वर्तमान में भारत की सबसे बड़ी महानगरीय पुलिस बलों में से एक है।
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