Delhi Pollution Control: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना की स्वच्छता को लेकर एक एतिहासिक और तकनीकी पहल की आरंभ की है। इस योजना के तहत दिल्ली में 32 रियल टाइम वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जिनमें से 10 यमुना नदी पर और 22 प्रमुख नालों पर स्थापित किए जाएंगे।
यह स्टेशन यमुना और उससे जुड़ी नालों में गिर रहे गंदे पानी की गुणवत्ता की निगरानी करेंगे और डेटा सीधे दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के सर्वर पर भेजा जाएगा।
करीब 22 करोड़ की लागत से होगा प्रोजेक्ट
Delhi Pollution Control: दिल्ली सरकार इस मकसद पर लगभग 22 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका उद्देश्य यमुना में गिरने वाले प्रदूषकों की रीयल टाइम पहचान और नियंत्रण करना है।
यह तकनीक बताएगी:
- पानी में बीओडी(Biological Oxygen Demand) की मात्रा
- सीओडी (Chemical Oxygen Demand)
- टीएसएस (Total Suspended Solids)
- नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और अमोनिया की सटीक मात्रा
कहां-कहां लगेंगे मॉनिटरिंग स्टेशन?
यमुना पर स्टेशन के स्थान:
- पल्ला
- ISBT ब्रिज
- ITO ब्रिज
- निजामुद्दीन ब्रिज
- ओखला बैराज
- और अन्य प्रमुख बिंदु
दिल्ली के प्रमुख नाले जहां स्टेशन लगेंगे:
- नजफगढ़
- मेटकॉफ हाउस
- खैबर पास
- स्वीपर कॉलोनी
सीमावर्ती नालों में भी शामिल:
- सिंघु बॉर्डर (सोनीपत)
- बहादुरगढ़
- शाहदरा
- साहिबाबाद
- बनठिया
क्या होगा इस प्रोजेक्ट का असर?
यह प्रोजेक्ट 2025 के अंत तक पूरा होने की अपेक्षा है। इससे न सिर्फ़ यमुना नदी की स्वच्छता में सहायता मिलेगी, बल्कि दिल्लीवासियों को एक स्वस्थ, स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त पर्यावरण भी मिलेगा। सरकार ने इसकी टेंडर प्रक्रिया भी आरंभ कर दी है ताकि वक्त रहते परियोजना लागू की जा सके।