Latest News : पत्नी की हत्या कर 6 महीने तक बचता रहा डॉक्टर

By Surekha Bhosle | Updated: October 16, 2025 • 12:36 PM

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक डॉक्टर पति ही अपनी डॉक्टर पत्नी के लिए यमराज बन गया. पति ने पत्नी को एनेस्थीसिया का ओवरडोज देकर उसकी हत्या कर दी. मामले की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छह महीने बाद आरोपी पति को गिरफ्तार किया है. उसने पत्नी की हत्या को स्वाभाविक मौत दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ी. आरोपी डॉक्टर पत्नी की बीमारी से परेशान था जिस कारण उसने इस घटना को अंजाम दिया

बेंगलुरु के रहने वाले पति-पत्नी की पहचान (Dr Mahendra Reddy) डॉक्टर महेंद्र रेड्डी और डॉक्टर कृतिका रेड्डी के तौर पर हुई है. दोनों की शादी 26 मई 2024 को हुई थी. विक्टोरिया अस्पताल की त्वचा विशेषज्ञ डॉ. कृतिका रेड्डी अपच, गैस्ट्रिक और लो शुगर की समस्या से पीड़ित थीं. परिवार ने यह बात छिपाई और उनकी शादी उसी अस्पताल के जनरल सर्जन डॉ. महेंद्र रेड्डी से कर दी. हालांकि, उसके बाद पति को अपनी पत्नी की स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में पता चला।

एनेस्थीसिया का ओवरडोज देकर हत्या

इसके बाद हर दिन उल्टी और अन्य समस्याओं से पीड़ित पत्नी को मारने के लिए पति महेंद्र ने योजना बनाई. पेट दर्द का इंजेक्शन लगाने के बहाने महेंद्र ने एनेस्थीसिया इंजेक्शन लगा दिया. ऐसा उन्होंने एक नहीं बल्कि दो दिनों तक लगातार किया. दो दिन बाद बेहोश पड़ी पत्नी को पति ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. आरोपी पति मेडिकल कमियों को जानता था. इसलिए उसने एनेस्थीसिया का ओवरडोज पत्नी की हत्या का प्लान बनाया था।

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6 महीने बाद आरोपी पति अरेस्ट

घटना के संबंध में अस्पताल से डेथ मेमो आते ही पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया था. शुरुआत में युवती के परिजनों सहित सभी को लगा रहा था कि ये एक प्राकृतिक मौत है. लेकिन जब शव को पोस्टमार्टम किया गया, तो सभी लोग हैरान रह गए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण एनेस्थीसिया का ओवरडोज आया. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 6 महीने बाद आरोपी महेंद्र रेड्डी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

डॉक्टर का दूसरा नाम क्या है?चिकित्सक और शल्य चिकित्सक

दुनिया भर में, “फिजिशियन और सर्जन” शब्द का संयुक्त प्रयोग किसी सामान्य चिकित्सक या किसी भी चिकित्सा व्यवसायी के लिए किया जाता है, चाहे उसकी विशेषज्ञता कुछ भी हो।

नाम के आगे डॉक्टर क्यों लगाते हैं?

“डॉ” या “डॉ.” के संक्षिप्त रूप में, इसका प्रयोग डॉक्टरेट (आमतौर पर पीएचडी ) प्राप्त व्यक्ति के लिए किया जाता है। पहले, इस शब्द का प्रयोग किसी भी विद्वान व्यक्ति के लिए किया जा सकता था। आज दुनिया के कई हिस्सों में, इसका प्रयोग चिकित्सकों द्वारा भी किया जाता है, चाहे उनके पास डॉक्टरेट स्तर की डिग्री हो या नहीं।

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