ECI decision: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चार चुनाव अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की राज्य सरकार की मांग को भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने खारिज कर दिया है।
राज्य सरकार ने हाल ही में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के माध्यम से चुनाव आयोग को पत्र भेजकर इन अधिकारियों के निलंबन और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को वापस लेने की अपील की थी। लेकिन चुनाव आयोग ने इस अनुरोध को अस्वीकार करते हुए अपने पहले के आदेश पर कायम रहने का फैसला किया है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के जिला मजिस्ट्रेट इन चारों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। इनमें बारुईपुर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी देबोत्तम दत्ता चौधरी और सहायक अधिकारी तथागत मंडल, तथा मोयना विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी बिप्लब सरकार और सहायक अधिकारी सुदीप्त दास शामिल हैं।
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गौरतलब है कि अगस्त पिछले साल चुनाव आयोग ने इन (ECI decision) अधिकारियों को निलंबित करने और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। हालांकि राज्य सरकार ने केवल निलंबन की कार्रवाई की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद इस महीने फिर से आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए।
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुकी हैं और आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगा चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी सरकार अपने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी। लेकिन अब आयोग के फैसले से राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
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