ED Action: तिरुवनंतपुरम केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया। इस दौरान अधिकारियों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की खबर सामने आई है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम (ED Team) जांच के सिलसिले में पहुंची थी। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर जमा हो गए। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने ईडी अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया।
ED Action: हिंसक हुआ प्रदर्शन
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक में इस घटना को लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है। फिलहाल मामले को लेकर ईडी और राज्य प्रशासन की ओर से विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ईडी के अधिकारियों पर हमला किया गया और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। ये हंगामा विजयन के घर पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ हुआ था।
ED Action: ED की टीम FIR दर्ज करवाएगी
ED टीम पर केरल में जो हमला हुआ, उस मामले में ED की टीम FIR दर्ज करवाएगी। इसके अलावा ED कोर्ट भी मूव करेगी। ईडी की गाड़ियों को नुकसान हुआ है। अब तक की जानकारी के मुताबिक, ईडी का कोई अधिकारी इस हमले में घायल नहीं हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
ED ने केरल की कंपनी सीएमआरएल यानी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री विजयन की बेटी वीणा विजयन और कंपनी के अधिकारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। ED की टीम ने केरल के कन्नूर, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु समेत करीब 10 जगहों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी में फर्जी खर्च दिखाकर करोड़ों रुपये का खेल किया गया। यह मामला सबसे पहले साल 2019 में सामने आया था, जब इनकम टैक्स विभाग ने सीएमआरएल पर छापा मारा था। जांच में करीब 130 करोड़ रुपये के फर्जी खर्च मिलने की बात सामने आई थी। बाद में इस मामले की जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस यानी एसएफआईओ को दी गई।
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एसएफआईओ ने अपनी जांच में दावा किया कि कंपनी ने पिछले 15 साल में करीब 182 करोड़ रुपये के फर्जी कैश खर्च दिखाए। साथ ही कंपनी के एमडी एस.एन. ससीधरन कार्ता और उनके बेटे सारन कार्ता को 2015-16 से 2022-23 के बीच करीब 30.63 करोड़ रुपये वेतन और दूसरे भुगतान के रूप में दिए गए, जबकि कंपनी ने शेयरधारकों को कोई डिविडेंड नहीं दिया।
वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को भी सीएमआरएल से करीब 2.78 करोड़ रुपये दिए गए।
ED के मुताबिक वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को भी सीएमआरएल से करीब 2.78 करोड़ रुपये दिए गए। यह रकम आईटी कंसल्टेंसी के नाम पर दी गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि सीएमआरएल से जुड़ी एक दूसरी कंपनी ने एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का लोन भी दिया था। सीएमआरएल ने ईडी की जांच को केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनी का कहना था कि बिना किसी मूल अपराध के ईडी जांच नहीं कर सकती।
लेकिन 26 मई 2026 को केरल हाईकोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी और कहा कि ईडी की जांच कानून के मुताबिक है। इसके बाद ईडी ने तलाशी अभियान शुरू किया। ED के मुताबिक वीणा विजयन जिस घर में रह रही थीं, वहां उनके पिता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी मौजूद थे। तलाशी के दौरान निवेश और बैंक एफडी से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मिले है, जिनकी जांच की जा रही है। फिलहाल ईडी पूरे मामले में पैसों के लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।
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